
विकासनगर: देहरादून जनपद के विकासनगर-कालसी वन प्रभाग की चौहडपुर रेंज में शुक्रवार को सुबह कैंचीवाला क्षेत्र के एक आवासीय मकान में लाइकोडोन जारा सांप दिखाई दिया. जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई. मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने सांप को रेस्क्यू कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा. इस सांप की गिनती सबसे खूबसूरत सांपों में होती है, जो काफी छोटा होता है. ये यदा कदा ही दिखाई देता है. लाइकोडोन जारा सांप काफी दुर्लभ प्रजाति में शामिल है, जो एक नॉन वेनमस है.
दुर्लभ प्रजाति में लाइकोडोन जारा सांप: कालसी वन प्रभाग की चौहडपुर रैंज से कैंचीवाला निवासी प्रमोद कुमार ने अपने घर मे सांप दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, सर्प मित्र आदिल मिर्जा ने सांप को रेस्क्यू किया. सांप ट्विन-स्पॉटेड वुल्फ स्नेक (Twin-spotted Wolf Snake) प्रजाति का है. इस प्रजाति का सांप पछुवादून में पहली बार रेस्क्यू किया गया है. लाइकोडोन जारा सांप मुख्य रूप से एशिया में विशेष कर यह भारत के उत्तरी और उत्तर पूर्वी राज्यों में व्यापक रूप से पाया जाता है. जिनमें मणिपुर, पश्चिम बंगाल ,और उत्तर प्रदेश, के कुछ हिस्से शामिल हैं.
बिना जहर का होता है सांप: यह हिमालय की तलहटी से लेकर पश्चिम में देहरादून व दक्षिण में ओडिशा तक पाया जाता है. यह बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार में भी पाया जाता है. यह सांप विभिन्न प्रकार के आवासों में रहता है. नम वनों, कृषि भूमि, चट्टानी इलाकों और मानव बस्तियों के पास बगीचों में भी पाया जाता है. यह आमतौर पर दरारों, भारी वस्तुओं के नीचे और पौधों की ढीली जडों के नीचे दिन के समय छिपा रहता है. सर्प मित्र आदिल मिर्जा बताया कि यह सांप बिना जहर वाला सांप है. सांप की लम्बाई करीब 12 इंच तक होती है
काफी खूबसूरत होता है सांप: बताया कि पछुवादून मे पहली बार लाइकोडोन जारा सांप को रेस्क्यू किया गया है. सांप को रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड दिया गया है. यह सांप देखने मे काफी सुंदर दिखाई देता है, इस सांप मे सुनहरी रेखाएं दिखाई देती हैं. जिससे यह सांप और भी खूबसूरत दिखाई देता है. यह एक दुर्लभ प्रजाति में शामिल है.
