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उत्तराखंड एसटीएफ के हत्थे चढ़े दो इनामी बदमाश, धोखाधड़ी और लूट मामले में सालों से थे फरार

देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और सीबीसीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपए के फरार इनामी आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया. आरोपी ने धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड में लाखों रुपए की धोखाधड़ी की थी. एक अन्य मामले उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून में रह रहे राजस्थान के 20 हजार रुपए के शातिर इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया. आरोपी राजस्थान में लूट की घटना को अंजाम देकर 12 वर्ष से फरार था.

मामले के मुताबिक, साल 2018 में हरिद्वार में धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड, ज्वालापुर, हरिद्वार द्वारा स्थानीय नागरिकों के साथ आरडी और फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बड़े स्तर पर आर्थिक धोखाधड़ी की गई थी. इस मामले में थाना कोतवाली ज्वालापुर, हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया था.

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड द्वारा स्थानीय नागरिकों से आरडी और फिक्स्ड डिपॉजिट कराने के नाम पर अलग-अलग बॉन्ड/सर्टिफिकेट जारी कर लाखों रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा जांच में हुआ. कंपनी के संचालक अनिल कुमार तिवारी और देवेंद्र प्रकाश तिवारी के शामिल होने पर धारा 406, 420, 120B भारतीय दंड संहिता, उत्तरांचल निक्षेपक हित अधिनियम 2005, चिट फंड एवं धन परिचालन (पाबंदी) अधिनियम 1978 और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की संबंधित धाराओं में पाई गई. जिसकी विवेचना इकोनॉमिक ऑफेंसस विंग (EOW), सीआईडी सेक्टर देहरादून द्वारा की जा रही है.

फरार दोनों आरोपियों पर अपर पुलिस महानिदेशक ने 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था. आरोपी अनिल कुमार तिवारी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. देवेंद्र प्रकाश तिवारी निवासी कानपुर तभी से फरार चल रहा था. आरोपी करीब 7 सालों से फरार चल रहा था. इनामी देवेंद्र प्रकाश तिवारी साल 2018 से थाना ज्वालापुर जिला हरिद्वार से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था.

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि, फरार आरोपी की सूचना आगरा में मिली थी. इस पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ टीम ने सीबीसीआईडी देहरादून और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ आगरा क्षेत्र में नाकेबंदी और घेराबंदी की. जिसके बाद पुलिस टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इनामी देवेंद्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. उसे कोतवाली ज्वालापुर में दाखिल कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई.

20 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार: दूसरे मामले में, साल 2014 में आरोपी देवेश मौर्या निवासी राजस्थान ने अपने साथी के साथ मिलकर बांसवाड़ा, राजस्थान में एक व्यक्ति को एलआईसी एजेंट के नाम से फोन कर बुलाया. इसके बाद रिवॉल्वर दिखाकर उसे उसी के वाहन में अपहरण कर लूट की घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए. इस प्रकरण में आरोपी पर राजस्थान पुलिस द्वारा 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था.

उत्तराखंड एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि सिक्योरिटी एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाला देवेश मौर्या वसंत विहार, देहरादून में रह रहा है. अन्य जानकारी करने पर पता चला कि, घटना के बाद ही साल 2014 से फरार चल रहा है और उस पर राजस्थान पुलिस द्वारा 20 हजार रुपए की धनराशि का इनाम घोषित किया गया है. जिसकी तलाश के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा पिछले कई सालों से लगातार दबिशें दी जा रही थी. लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी. एसटीएफ उत्तराखंड को इनपुट मिलने के बाद 7 मई को थाना कैंट क्षेत्र क्षेत्र के अंतर्गत आरोपी को पकड़कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया गया.

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