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‘मुख्यमंत्री बनते ही कुर्सी हिलाने की बातें शुरू होती हैं’, राजनीतिक हलचल पर कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान

मसूरी: उत्तराखंड के बीजेपी नेताओं की हाल ही में दिल्ली हुई बैठक की तस्वीरों के बाद प्रदेश की राजनीतिक में हलचल मची हुई है. राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. कोई इस बैठक को कैबिनेट विस्तार से देख रहा है तो कोई इसमें बीजेपी की गुटबाजी का एंगल निकाल रहा है. वहीं इस तरह की चर्चाओं पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का बड़ा बयान आया है.

अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी में बारिश से हुई स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि, उत्तराखंड में जिस दिन से कोई मुख्यमंत्री बनता है, उसी दिन से उसकी कुर्सी हिलाने की बातें शुरू हो जाती हैं. लेकिन उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार पूरी तरह स्थिर है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार मजबूत तरीके से काम कर रही है और कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिला है. नकल और धर्मांतरण जैसे कानून उनकी सरकार लाई है. यूसीसी लागू करने वाली उत्तराखंड पहली सरकार है. इस सरकार के हर वर्ग में हित में काम किया है.

वहीं, बीते दिन आपदा और कानून-व्यवस्था के लेकर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरने का काम किया था, जिस पर भी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से सवाल किया गया. जवाब में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उल्टा कांग्रेस पर ही निशाना साध दिया और साल 2013 की आपदा का जिक्र किया.

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साल 2013 आपदा के समय तत्कालीन सरकार तीन दिन तक सोई रही थी, जबकि आज की सरकार किसी भी आपदा पर तत्परता से काम कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर जाकर राहत कार्यों का निरीक्षण करते हैं.
– गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री –

इसके साथ ही मंत्री गणेश जोशी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ बयानबाज़ी कर रहा है. न तो उनके पास कोई ठोस योजना है और न ही जनता का भरोसा. उन्होंने थराली (चमोली), धराली (उत्तरकाशी) और पौड़ी जैसी आपदा का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने खुद मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करते हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर समझता है कि वह आपदा के मुद्दे पर सरकार को घेर लेगा, तो यह उनकी गलतफहमी है. प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी.

कैबिनेट मंत्री ने गैरसैंण में आयोजित मानसून सत्र को लेकर भी विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि विपक्ष ने सत्र को चलने ही नहीं दिया. सदन में रचनात्मक चर्चा के बजाय सिर्फ हंगामा किया गया और बेबुनियाद आरोप लगाए गए. इस तरह के व्यवहार से लोकतंत्र कमजोर होता है और जनता का भरोसा भी उठता है.

बता दें कि, मंत्री गणेश जोशी गुरुवार को अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी में बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने आए थे, तभी उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इन तमाम सवालों के जवाब दिए.

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