
नैनीताल: लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की दलील सुनी. जिसके बाद विपक्षी से 12 मई को अपना पक्ष रखने को कहा है. एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मई की तिथि नियत की है.
आज यानी 5 मई को सुनवाई के दौरान विपक्षी प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल की ओर से कहा गया कि चुनाव याचिका में कई कमियां हैं. इसलिए याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है, इसे निरस्त किया जाए. इसके जवाब में याचिकाकर्ता की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णय कोर्ट में पेश किए गए.
जिसमें कहा गया कि इन्होंने नामांकन पत्र और अपनी संपत्ति का उचित विवरण नामांकन पत्र में जारी शर्तों के अनुरूप खुलासा नहीं किया. इसलिए इनकी विधायिका निरस्त करने योग्य है. जिस पर आज कोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनते हुए दूसरे पक्ष से 12 मई को अपना पक्ष रखने को कहा है.
क्या है मामला? दरअसल, लोहाघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस के विजयी विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चुनाव को पराजित प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल ने चुनाव याचिका दायर कर नैनीताल हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
चुनाव याचिका में कहा गया है कि खुशाल सिंह अधिकारी ने 24 जनवरी 2022 को नामांकन किया, लेकिन उन्होंने शपथ पत्र 28 जनवरी को दाखिल किया. जबकि, यह नामांकन पत्र के साथ ही दाखिल होना था. इतना ही नहीं शपथ पत्र में उन्होंने गलत सूचनाएं दी.
साथ ही अपने आय के कई स्रोत व मुद्दों को नामांकन पत्र में गलत दर्शाया गया. जबकि, नामांकन करते वक्त उनके 25 सरकारी कार्यों के ठेके चल रहे थे, जिसे उन्होंने छुपाया है. इसके अलावा चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने दो सरकारी ठेके लिए. लिहाजा, उनकी विधायिका निरस्त किया जाए. अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 12 मई होगी.
