
देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में वन दरोगा और वन आरक्षी पद पर नियुक्ति के नियम बदल दिए गए हैं. इस कड़ी में शासन ने अधिसूचना जारी करते हुए न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता के अलावा आयु सीमा में भी बदलाव किया है. उधर अब वन दरोगाओं ने पुलिस की भांति ग्रेड पे दिए जाने की मांग उठाई है.
उत्तराखंड वन विभाग में वन दरोगा और वन आरक्षी पदों पर भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. लंबे समय से चली आ रही मांगों के बाद शासन ने नई अधिसूचना जारी करते हुए शैक्षणिक अर्हता और आयु सीमा में संशोधन कर दिया है. खास बात यह है कि अब वन दरोगा बनने के लिए अभ्यर्थियों को स्नातक होना अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं, दूसरी ओर नियमों में बदलाव के बाद वन दरोगा संगठन ने पुलिस विभाग की तर्ज पर ग्रेड पे बढ़ाने की मांग भी तेज कर दी है.
दरअसल, वन विभाग में लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि वन दरोगा जैसे जिम्मेदारी भरे पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाया जाये. विभागीय कर्मचारियों और संगठन का कहना था कि वर्तमान समय में वन अपराधों की जांच, पर्यावरणीय चुनौतियों और तकनीकी कार्यों को देखते हुए अधिक शिक्षित कर्मियों की आवश्यकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने अब भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया है.
शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब वन दरोगा पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी का स्नातक होना जरूरी होगा. इसके लिए गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, वानिकी, भूगर्भ विज्ञान, कृषि, सांख्यिकी या पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों में से किसी एक विषय में स्नातक डिग्री होना अनिवार्य किया गया है. इससे पहले वन दरोगा पद के लिए केवल इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना पर्याप्त माना जाता था.
सरकार के इस फैसले को वन विभाग में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे वन विभाग में अधिक योग्य और तकनीकी जानकारी रखने वाले अभ्यर्थियों की भर्ती हो सकेगी. वर्तमान समय में जंगलों में वन्यजीव संरक्षण, अवैध कटान पर रोक, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और वन अपराधों की रोकथाम जैसे मामलों में प्रशिक्षित और शिक्षित कर्मियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी.
केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि आयु सीमा में भी बदलाव किया गया है. वन दरोगा पद के लिए पहले न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित थी. अब इसे संशोधित करते हुए 21 वर्ष से 35 वर्ष कर दिया गया है. यानी अब अधिक उम्र के अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा.
वहीं, दूसरी तरफ वन आरक्षी पद के लिए भी आयु सीमा में संशोधन किया गया है. नई अधिसूचना के अनुसार वन आरक्षी पद के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से 25 वर्ष निर्धारित की गई है. पहले यह सीमा 18 वर्ष से 28 वर्ष तक थी. ऐसे में वन आरक्षी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा घटा दी गई है. वन दरोगा पद के लिए इसे बढ़ाया गया है.
जानकारी के अनुसार इस संबंध में निर्णय पहले ही धामी कैबिनेट द्वारा लिया जा चुका है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शासन स्तर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इससे भर्ती प्रक्रिया में आने वाले समय में नए नियम लागू हो जाएंगे.
उधर भर्ती नियमों में बदलाव के बाद वन दरोगा संगठन ने एक नई मांग भी उठा दी है. संगठन का कहना है कि जब वन दरोगा पद के लिए शैक्षणिक अर्हता पुलिस विभाग के दरोगा के समान कर दी गई है, तो फिर ग्रेड पे भी समान होना चाहिए. वर्तमान में वन विभाग के वन दरोगाओं को 2800 ग्रेड पे दिया जाता है, जबकि पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक यानी दरोगा को 4600 ग्रेड पे मिलता है.
वन दरोगा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वरूप चंद्र रमोला का कहना है कि वन दरोगा भी जंगलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, वन अपराधों पर कार्रवाई करने और जोखिम भरे हालात में काम करने की जिम्मेदारी निभाते हैं. इसके बावजूद उन्हें पुलिस विभाग के समान सुविधाएं और वेतनमान नहीं मिल रहा है. अब जब भर्ती की योग्यता भी स्नातक कर दी गई है, तो ग्रेड पे में भी समानता लाई जानी चाहिए.
वन दरोगा संगठन का मानना है कि वन विभाग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं. कई बार उन्हें जंगलों में तस्करों, शिकारी गिरोहों और अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ती है. ऐसे में उनके कार्यों का स्वरूप भी पुलिस जैसी जिम्मेदारी वाला है. इसलिए वेतन और सुविधाओं में भी समानता जरूरी है.सरकार के इस फैसले के बाद अब युवाओं के बीच वन विभाग की नौकरियों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. स्नातक योग्यता लागू होने से प्रतियोगिता का स्तर भी बढ़ने की संभावना है. वहीं आयु सीमा में बदलाव से कई ऐसे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो पहले अधिकतम आयु सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे.
