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हरिद्वार के होटल में JE की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, दो दिन से था लापता, सामने आई चौंकाने वाली बात

हरिद्वार: शहर के एक होटल में राजस्थान के एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. व्यक्ति पंजाब में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था और 26 अगस्त से लापता चल रहा था. पिता से आखिरी बार बात होने पर ‘सत्य की खोज में जाना है’ कहकर निकला था.

मामले के मुताबिक, हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक होटल में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मौत आग लगने से हुई है. होटल के कमरे से धुआं उठने पर होटल कर्मचारी ने पुलिस को जानकारी दी. पुलिस कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तब तक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी.

मामले पर हरिद्वार कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि राजस्थान निवासी 25 वर्षीय मोहित कुछ साल पहले इंजीनियरिंग करने के बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ‘सीपीडब्ल्यूडी’ में अवर अभियंता के पद पर चयनित हुआ था. उसकी तैनाती पंजाब के बठिंडा में थी. नौकरी के दौरान उसका जीवन अच्छा खासा व्यतीत हो रहा था. मगर बाद में व्यवहार में परिवर्तन आ गया. बीते 26 अगस्त को अपने कमरे पर मोबाइल छोड़कर अचानक गायब हो गया. इसका पता चलने के बाद परिजनों ने राजस्थान से पंजाब पहुंचकर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई. मगर कोई लोकेशन नहीं मिल पा रही थी.

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान गुरुवार 28 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे मोहित ने हरिद्वार पहुंचकर एक होटल में कमरा लिया. जहां उसने पहले अपना मोबाइल नंबर और दूसरा अपने पिता का नंबर दर्ज कराया. होटल चेक इन के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद कमरे से धुआं निकलता देख होटल स्टाफ आग बुझाने दौड़ा. लेकिन कमरा अंदर से बंद था. होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का दरवाजा तोड़कर दाखिल हुई लेकिन तब तक मोहित की जलकर मौत हो चुकी थी.

कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि जब मामले को लेकर पुलिस ने परिजनों से संपर्क साधा तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं. पुलिस को मोहित के पिता ने जानकारी दी कि वह पिछले कुछ दिनों से अजीब बातें कर रहा था. उसने लास्ट बार कहा था कि ‘उसे सत्य की खोज में जाना है’. हालांकि ऐसी बातें मोहित क्यों कर रहा था, ये उसके पिता के लिए बड़ा सवाल है. फिलहाल, पुलिस प्रेम प्रसंग समेत कई अन्य पहलुओं से भी मामले की जांच कर रही है.

वहीं प्रत्यक्षदर्शी और स्थानीय निवासी करण पंडित ने बताया कि जिस कमरे में मोहित ठहरा था. आग लगने से वो कमरा भी जल गया था. पंखा, एसी, बेड, गद्दे समेत अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया था. यही नहीं, दीवारें भी पूरी तरह बेकार हो गई. आग के बाद कमरे की हालत खंडहर जैसी हो गई.

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