
हरिद्वार: बीते सोमवार शाम को श्यामपुर रेंज के अंतर्गत सजनपुर बीट, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या 9 में दो बाघों की मौत के बाद हरिद्वार से लेकर राजधानी देहरादून तक हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपी भी फरार चल रहे हैं. इसी मामले में आज वन मंत्री सुबोध उनियाल भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली.
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की उच्च उतर जांच कराई जाए. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने हॉफ को भी निर्देश दिए हैं कि इस मामले में यदि विभागीय स्तर पर कोई लापरवाही बरती गई है तो, जांच कराकर सीधा निलंबन की कार्रवाई की जाये.
दरअसल, जंगल में सोमवार शाम को गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक दो साल के नर बाघ का शव बरामद हुआ था. तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने एक वन गुज्जर को गिरफ्तार किया. अगले दिन मंगलवार को उसी जगह के आसपास मादा बाघ का शव बरामद हुआ. एक साथ दो बाघों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों बाघों के चारों पैर कटे मिले थे. उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए. मौके से एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वन गुज्जरों की भैंस का बाघिन ने शिकार किया था. इसके बाद उन्होंने भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़का. जिसे बाघों के झुंड ने खा लिया. फिर पास में ही बाघिन के बच्चों के शव बरामद हुए.
वन विभाग को वन गुज्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मुखबिर से मिली थी. सूचना मिलने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. जांच में सामने आया कि आरोपी रात के अंधेरे में बाघ की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग ने कार्रवाई कर दी. एक वन गुज्जर को दबोच लिया. बाघ का अवैध शिकार करने वाले तीन वन गुज्जर फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार टीमें दबिश दे रही हैं.
वन गुज्जरों के विस्थापन के सवाल पर सुबोध उनियाल ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. न्यायालय के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.
अलग अलग टीमें कर रहीं फरार आरोपियों की तलाश: इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. फरार चल रहे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमें बनाई गईं हैं. उत्तराखंड से बाहर भी टीमों को भेजा गया है. इस घटना के बाद वन गुज्जर अपने डेरे छोड़कर चले गए हैं. कईयों से पूछताछ की जा रही है.
