
रामनगर: विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में इन दिनों पर्यटन सीजन अपने चरम पर पहुंच चुका है. कॉर्बेट का सबसे चर्चित और विश्व विख्यात लोकप्रिय ढिकाला पर्यटन जोन 15 जून से मानसून के चलते बंद होने जा रहा है. ऐसे में देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक कॉर्बेट पहुंच रहे हैं, ताकि बंद होने से पहले जंगल सफारी, नाइट स्टे और टाइगर दर्शन का रोमांचक अनुभव लिया जा सके. कॉर्बेट पार्क में इस समय सफारी और नाइट स्टे का पीक टाइम चल रहा है. मई और जून का महीना वाइल्डलाइफ व्यूइंग के लिहाज से सबसे बेहतरीन माना जाता है. जंगल सूखा व गर्मी होने के कारण वन्यजीव पानी के स्रोतों के आसपास अधिक दिखाई देते हैं. यही वजह है कि इन दिनों टाइगर, हाथी, हिरण, सांभर,लेपर्ड भालू वन्यजीवों के साथ कई पक्षियों जैसे वन्यजीवों की साइटिंग काफी बढ़ गई है.
दरअसल हर साल मानसून सीजन शुरू होने से पहले 15 जून को कॉर्बेट का सबसे लोकप्रिय ढिकाला जोन पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है. मानसून समाप्त होने के बाद इसे पुनः 15 नवंबर से खोला जाता है. वन विभाग के अनुसार बारिश के दौरान जंगल के कच्चे रास्ते, नदी-नाले और जंगल के संवेदनशील मार्ग पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो जाते हैं. इसी कारण हर वर्ष मानसून सीजन में यह जोन बंद रखा जाता है. ढिकाला जोन अपनी विशाल ग्रासलैंड, घने जंगल और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, यहां खुले मैदानों में अक्सर हाथियों के झुंड, हिरणों के समूह और टाइगर की मूवमेंट आसानी से देखी जा सकती है.
जंगल प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के लिए ढिकाला किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता, ढिकाला क्षेत्र के पास से बहने वाली रामगंगा नदी इस पूरे इलाके की सुंदरता को और भी खास बना देती है. नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल और ऊदबिलाव जैसे जलीय जीव भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, सुबह और शाम के समय रामगंगा नदी के किनारे वन्यजीवों की गतिविधियां देखने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में सफारी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं.
कॉर्बेट का सबसे लोकप्रिय नाइट स्टे और पर्यटन क्षेत्र ढिकाला जोन हर वर्ष 15 जून तक संचालित रहता है. इसके बाद मानसून सीजन के चलते इसे बंद कर दिया जाता है और पुनः 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए खोला जाता है. वर्तमान समय में मौसम काफी सुहावना है और वाइल्डलाइफ व्यूइंग के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं, यही वजह है कि बड़ी संख्या में पर्यटक कॉर्बेट का रुख कर रहे हैं. सीजन अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, इसलिए पर्यटकों का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया है. खासतौर पर 15 जून से पहले के इस अंतिम दौर में लोग अपने सफर को यादगार बनाने के लिए अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला के अनुसार इस समय कॉर्बेट में टाइगर साइटिंग की संभावना भी काफी बढ़ जाती है, क्योंकि जंगल सूखा होने के चलते अधिकतर वन्यजीव पानी के आसपास दिखाई देते हैं. यही कारण है कि सफारी के दौरान पर्यटकों को वन्यजीवों के दर्शन आसानी से हो रहे हैं.
गर्मियों का समय, खासकर स्कूलों की छुट्टियों का दौर, पर्यटन के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी दौरान देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क उनकी यात्रा का अहम हिस्सा बन जाता है. नैनीताल, अल्मोड़ा, कौसानी और जागेश्वर घूमने के बाद पर्यटक अंत में कॉर्बेट पहुंचते हैं. मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से हर साल हजारों की संख्या में सैलानी यहां आते हैं. अप्रैल, मई और जून के तीन महीने स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए बेहद अहम माने जाते हैं, क्योंकि इसके बाद बरसात शुरू होते ही पर्यटकों की संख्या में गिरावट आने लगती है.
वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल के अनुसार गर्मियों में कॉर्बेट क्षेत्र में पर्यटन सीजन अपने चरम पर रहता है. लोग महानगरों की गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की ओर रुख करते हैं और उत्तराखंड आने पर जिम कॉर्बेट को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करते हैं. यही वजह है कि इन दिनों होटल, रिसॉर्ट और सफारी बुकिंग लगभग फुल चल रही हैं.कॉर्बेट के ढिकाला जोन में सीमित आवास व्यवस्था होने के कारण यहां रुकना पर्यटकों के लिए बेहद खास अनुभव माना जाता है. मुख्य ढिकाला कैंप में लगभग 20 कमरों की सुविधा उपलब्ध है, जिनकी ऑनलाइन बुकिंग की जाती है. इसके अलावा सुल्तान में 2 कमरे, गैरल में 6 कमरे, खिनानौली में 3 कमरे और सर्पदुली रेंज में 2 कमरे उपलब्ध हैं.
वहीं पर्यटकों के लिए 20 बेड की एक डॉरमेट्री सुविधा भी मौजूद है.सीमित आवास व्यवस्था और बढ़ती मांग के चलते ढिकाला की बुकिंग इन दिनों पूरी तरह फुल चल रही है. कई पर्यटक महीनों पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराकर कॉर्बेट पहुंच रहे हैं, जंगल के बीच रात बिताने का रोमांच और सुबह-सुबह खुले मैदानों में वन्यजीवों को देखना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन रहा है. फिलहाल 15 जून से पहले का यह समय कॉर्बेट घूमने और टाइगर दर्शन के लिहाज से अंतिम सुनहरा मौका माना जा रहा है, यही वजह है कि कॉर्बेट में पर्यटकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और जंगल सफारी का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है.
