
उत्तराखंड में फिर बारिश का कहर बरपा है। बादल फटने से राज्य के तीन जिलों में भारी तबाही की तस्वीर सामने आई है। एक महिला की मौत हो गई। जबकि कई लोग लापता हैं। कुछ घायल हैं। लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
गंगा घाटों को खाली कराया गया
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और चमोली में बादल फटने की घटना के कारण गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते ऋषिकेश और हरिद्वार के गंगा घाटों के किनारे रहने वाले लोगों को जल पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। सभी गंगा घाटों को खाली करा दिया गया है।
चमोली में महिला ने रास्ते में ही दिया बच्चे को जन्म
चमोली में एक गर्भवती ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। नारायणबगड़ ब्लॉक के अंतर्गत सिलोडी गांव की कविता देवी ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे को जन्म दे दिया। सड़कें बंद होने से अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही थी। इतने में महिला को प्रसव पीड़ा हो गई। जच्चा बच्चा स्वस्थ है। देर बाद डंडी कंडी में महिला को नजदीकीअस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायण बगड़ पहुंचाया गया
बरसाती गदेरे के उफान पर, आवाजाही हुई मुश्किल
चमोली जनपद के दशौली विकासखंड के कोंज पोथनी गांव के समीप बरसाती गदेरे के उफान पर आने से पैदल पुल बह गया है। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण उफनते गदेरे से ही आवाजाही कर रहे हैं। गांव के ऊपर पहाड़ी से एक बोल्डर छिटककर गांव के ऊपर गोशाला तक आ गया है, जिससे गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है।
चमोली में एक शव बरामद, रुद्रप्रयाग में भी एक महिला की मौत
चमोली जिले के कर्णप्रयाग देवाल के मोपाटा में मलबे में दबे शव को निकाला गया। रुद्रप्रायग जिले में भी बादल फटने से एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई थी।
छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव में कई लोग लापता
रुद्रप्रयाग के छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव में कुछ लोगों के लापता होने की खबर है। वहीं किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा में दब गए। अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बह गया।
मकान क्षतिग्रस्त वाहन बहा
रुद्रप्रयाग जिले के स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन बहने की सूचना है। यहां बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया है।
ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव का बीड़ा उठाया
चमोली में राहत और बचाव दलों की राह में बंद रास्ते रोड़ा बने तो ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव का बीड़ा उठाया। देवाल के मोपाटा गांव में ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। यहां मकान टूटने से दो लोग लापता हैं।
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में भी फटा बादल
भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव के ऊपर बीती रात को बादल फटने की घटना हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि बादल फटने से कोई जनहानि नहीं हुई है। कृषि भूमि, पेयजल लाइन, विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम गेंवाली गांव रवाना हो गई है। अलग-अलग स्थान पर पैदल पुलिया और रास्ते टूट गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
चमोली में राहत कार्य जारी
चमोली के ज़िला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने कहा कि चमोली ज़िले के देवाल स्थित मोपाटा भूस्खलन क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा राहत कार्य चलाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर डीडीआरएफ की टीम और तहसीलदार देवाल की ओर जाने वाली अवरुद्ध सड़कों को साफ़ करने का प्रयास कर रहे हैं।