22 August 2026

नैनीताल जिले के 109 गांव रेड जोन में शामिल, मेगा प्लान की तैयारी, जानिए पूरा मामला

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हल्द्वानी: नैनीताल जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. संघर्ष की घटनाओं के आधार पर 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है. नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने इन गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग और पर्याप्त सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं. खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं. ताकि ग्रामीणों की जान-माल और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

नैनीताल जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया पिछले 5 से 10 वर्षों में हुई मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का वन विभाग, कृषि और उद्यान विभाग की संयुक्त टीम ने अध्ययन किया है. इसी अध्ययन के आधार पर इस वर्ष संघर्ष से सर्वाधिक प्रभावित 109 गांवों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया है.

इन गांवों में खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां सघन खेती होती है. वन्यजीवों के हमले लगातार सामने आते रहे हैं. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चिन्हित गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सोलर लाइट भी लगाई जा रही हैं, ताकि रात के समय वन्यजीवों से होने वाले खतरे को कम किया जा सके. इन कार्यों को जिला योजना में प्राथमिकता दी गई है. वहीं, चिन्हित गांवों में शत-प्रतिशत फेंसिंग और लाइटिंग का काम पूरा करने के लिए खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है.

जिलाधिकारी ललित मोहन रॉयल ने कहा मुख्यमंत्री का भी कृषि और बागवानी को वन्यजीवों से बचाने पर विशेष फोकस है. जिन गांवों में जान-माल का खतरा है, वहां पिंजरे लगाने, सोलर लाइट और फेंसिंग के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे. प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ उनकी फसल और बागवानी को भी वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से बचाना है.

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