9 September 2026

बीमारियों के मौसम में स्वास्थ्य विभाग की जरूरी एडवाइजरी, जानें क्या खाएं-पिएं, कैसे रहें सुरक्षित

0

देहरादून: मॉनसून सीजन के दौरान जल जनित एवं मच्छर जनित संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ जाती है. इस कारण डायरिया, पेचिश, टाइफाइड, हैजा, पीलिया और हेपेटाइटिस जैसे जल जनित रोगों के साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोगों के मामले भी बढ़ने की आशंका रहती है. ऐसे में इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के जरिए प्राप्त वीकली रिपोर्टों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने संबंधित एडवाइजरी जारी कर दी है.

स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से बासी भोजन का सेवन न करने और बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों एवं अधपके भोजन से बचने की अपील की है. इसके साथ ही तरबूज, खरबूज, गन्ने का रस आदि का सेवन केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित होने पर ही करें. ठंडी वस्तुओं में इस्तेमाल होने वाली बर्फ के सेवन से भी बचें, क्योंकि इसमें दूषित पानी का प्रयोग होने की संभावना रहती है.

पानी को रखें साफ: स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि घर में पानी को अच्छी तरह उबालकर रखें और पीने, खाना बनाने में इसी का प्रयोग करें. पानी को क्लोरीनयुक्त करने के लिए क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देश के अनुसार ही किया जाए. शौचालय के उपयोग के बाद और भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं. फलों एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें.

पानी को इकट्ठा न होने दें: स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए लोगों से अपने घरों एवं आसपास पानी एकत्रित न होने देने की अपील की है. सभी पानी की टंकियों और जल भंडारण के बर्तनों को ढककर रखें. घरों में लगे गमलों के नीचे पानी एकत्रित करने वाली ट्रे न लगाएं और गमलों में पानी जमा न होने दें. फ्रिज के पीछे, कूलर, गुलदस्तों, मनी प्लांट, पानी के बर्तनों समेत ऐसे सभी स्थानों की नियमित रूप से सफाई करें, जहां पानी जमा हो सकता है. इन वस्तुओं का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली कर उन्हें सुखाकर ही दोबारा उपयोग करें.

घरों की रखें सफाई: स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी के जरिए लोगों से पुराने टूटे बर्तन, बोतल, डिब्बे, बेकार टायर आदि खुले में न फेंकने की अपील की है. इनमें जमा होने वाला पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के प्रजनन का कारण बन सकता है. मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने, जरूरत के अनुसार मच्छर रोधी साधनों का उपयोग करने के साथ ही ऐसे कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढका रहे. बच्चों एवं आमजन को मच्छर जनित रोगों से बचाव के संबंध में जागरूक करना भी जरूरी है.

स्वास्थ्य विभाग ने अनुसार, तेज बुखार, सिरदर्द, बदन एवं मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें. ये लक्षण डेंगू समेत अन्य संक्रामक रोगों के संकेत हो सकते हैं. यही नहीं, आमजन से बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई दवा न लेने की अपील की है. डेंगू की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है. ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल से संपर्क कर चिकित्सकीय सलाह और जांच जरूर कराएं.

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक 138 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. जिसमें 127 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 11 मरीजों का इलाज चल रहा है. डेंगू के कुल 138 मामलों में से 67 मामले देहरादून और 71 मामले अन्य जिलों से सामने आए हैं. जबकि अभी तक डेंगू जांच के लिए 26 हजार 358 सैंपल लिए जा चुके हैं. इसके अलावा, अभी तक मलेरिया का एक मामला और चिकनगुनिया के 82 मामले सामने आ चुके हैं. प्रदेश में बढ़ रहे जल एवं मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading