आपदा के बाद एक्शन में रुद्रप्रयाग डीएम, कई किलोमीटर पैदल तय किया सफर, पीड़ितों से मिले

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिलों में अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण भीषण प्राकृतिक आपदा आई है. आपदा के बाद से ही रुद्रप्रयाग जिले के डीएम प्रतीक जैन एक्शन में हैं. आपदा आने के बाद डीएम प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र ताल जामण पहुंचे. यहां पहुंचने के लिए जिलाधिकारी को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा.
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन व पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे तहसील बसुकेदार के दूरस्थ क्षेत्र ग्राम ताल जामण पहुंचे. गत दिवस की रात्रि में इस गांव में बादल फटने के कारण काफी नुकसान पहुंचा है. दोनों अधिकारियों ने बड़ेथ, डुंगर से पैदल चलकर क्षतिग्रस्त हो चुके मार्ग को पार करते हुए ताल जामण पहुंचकर बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर हुये नुकसान का जायजा लिया. साथ ही स्थानीय निवासियों से देर रात में उपजे हालातों की जानकारी ली गयी है.
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय ताल जामण पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर अवगत कराया गया है कि इन विषम परिस्थितियों में प्रशासन उनके साथ हैं. प्रशासन के स्तर से आवश्यक मदद की जा रही है. जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने सम्बन्धित अधिकारियों को सड़क व पैदल मार्ग को दुरुस्त किये जाने सहित तात्कालिक तौर पर आवश्यक खाद्य सामग्री सहित जरूरी सामग्री ग्रामीणों तक भिजवाए जाने के निर्देश दिये गये हैं.
- बता दें जनपद रुद्रप्रयाग की तहसील बसुकेदार के तालजामण क्षेत्रान्तर्गत गधेरे के दूसरे छोर पर असुरक्षित क्षेत्र में फंसे हुए लोगों को एसडीआरएफ की टीम द्वारा निरन्तर रेस्क्यू किया जा रहा है. विपरीत परिस्थितियों और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद टीम ने हिम्मत और धैर्य दिखाते हुए ग्राम तालजामण से 40 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और आश्वस्ति की झलक स्पष्ट दिखाई दी.
- इसके बाद SDRF टीम ग्राम कुम्द पहुंची. जहां अपर उप निरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में 30 और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिजनों से मिलाया. वहां मौजूद लोगों की आंखों में कृतज्ञता और सुकून था, जिसने टीम के परिश्रम को सार्थक बना दिया.