27 July 2026

सीएम धामी को आया गुस्सा! मंच से फेंकी पर्ची, बोले- इसे क्या पढ़ना, जानिए क्यों नाराज हुए मुख्यमंत्री

0

नैनीताल: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शायद ही आपने कभी गुस्से में देखा हो. सौभ्य और सरल अंदाज में दिखने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुस्से का वीडियो सामने आया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ये वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार 13 नवंबर को नैनीताल के भुजियाघाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने काया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच से भाषण दे रहे थे, तभी वहां एक वाकया हुआ, जिसका वीडियो काफी वायरल हो रहा है.

कार्यक्रम शुरू होने से पहले सीएम धामी को आयोजकों की ओर से एक पर्ची दी गई, जिसमें मंच पर मौजूद अतिथियों के नाम लिखे थे. जैसे ही सीएम ने भाषण शुरू किया और नाम पढ़ने लगे, उन्हें तुरंत गलती का अहसास हुआ.

हुआ ये कि जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट की जगह प्रदीप बिष्ट लिखा था. सीएम धामी ने पहले तो प्रदीप बिष्ट ही पढ़ा, लेकिन तभी उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने पर्ची पर लिखे गलत नाम पर अपनी नाराजगी जताई.

सीएम ने पर्ची को देखा, फिर कहा- अगर मैं ध्यान नहीं देता तो मंच से गलत नाम ही पढ़ देता, जो ठीक नहीं होता. इसके बाद उन्होंने अपना नाराजगी जताते हुए कहा कि इसमें पढ़ना भी क्या है यार, इसे फेंक ही देते हैं. और पर्ची को सबके सामने मंच से फेंक दिया.

सीएम की इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े और तालियां बजाने लगे. माहौल में हल्कापन लौट आया. इसके बाद सीएम धामी ने बिना किसी पर्ची के ही मंच पर मौजूद सभी लोगों के नाम एक-एक कर खुद पढ़े.

सीएम धामी ने कहा कि अच्छा हुआ पर्ची फेंक दी. इससे मुझे खुद सबके नाम लेने का मौका मिला. इस मौके पर सीएम धामी ने आयोजकों को यह भी हिदायत दी कि ऐसे आयोजनों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर व्यक्ति का नाम सही और सम्मानपूर्वक लिया जाना चाहिए.

कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सीएम धामी की सहजता और विनम्रता की जमकर तारीफ की. किसी ने लिखा, धामी जी का सेंस ऑफ ह्यूमर लाजवाब है, तो किसी ने कहा, नेता अगर ऐसे सहज हों, तो जनता खुद जुड़ जाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading