27 July 2026

अंकिता भंडारी मर्डर केस की CBI जांच पर गणेश गोदियाल का बड़ा बयान, कहा- सरकार ने माना अतीत में गलतियां हुई हैं

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच किए जाने की संस्तुति के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बयान सामने आया है. गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार ने दिवंगत अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच की मांग को मानकर यह साबित किया है कि अतीत में सरकार ने गलतियां की हैं. उसके बाद भी यह उन तमाम लोगों के संघर्ष का परिणाम है, जो अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. यह उनके माता-पिता, तमाम राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के सब्र के संघर्षों का परिणाम है कि आज सरकार को सीबीआई जांच की मांग माननी पड़ी है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आगे कहा कि लेकिन इसको देखना अभी बाकी होगा, क्या इस जांच में सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सौंपा गया है नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण बात है. कांग्रेस पार्टी की अभी भी यही मांग है कि अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय या फिर उच्च न्यायालय के जस्टिस की देखरेख में ही जांच आदेशित हो. कांग्रेस अब भी इसी मांग पर कायम है.

कांग्रेस का कहना है कि सीबीआई जांच की संस्तुति अभी न्याय मिलने की शुरुआत का पहला कदम है. पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि सीबीआई जांच न्यायिक देखरेख में हो, सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की निगरानी में कराए जाने के लिए पिछले एक पखवाड़े से ज्यादा समय से राज्यभर में चल रहे आंदोलन का यह असर ही है कि सरकार ने अंकिता मामले की सीबीआई जांच किए जाने की संस्तुति है.

कांग्रेस जगह-जगह प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बना रही थी. मामले को लेकर प्रदेश भर में चले राजनीतिक घमासान मचा हुआ था. वहीं मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की गई है.

सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच: उत्तराखंड मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक और अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष समिति मंच के सदस्य मोहित डिमरी का कहना है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता प्रकरण पर सीबीआई जांच की संस्तुति की है. उन्होंने कहा कि पिछले 3 सालों से अंकिता के माता-पिता भी यही चाहते थे कि कथित वीआईपी की भूमिका की जांच हो, हालांकि सरकार इस मामले में सीबीआई जांच कराने का भरोसा तो दे रही है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अभी भी यह बात स्पष्ट तौर पर नहीं कही है, सीबीआई कथित वीआईपी को केंद्र में रखकर उस जांच को आगे बढ़ाएगी. अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करते हुए इस बात को साफ तौर पर रखा है कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में ही सीबीआई की जांच होनी चाहिए.

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