27 July 2026

लक्सर शुगर मिल ने जारी किया पहला नोटिस, किसानों को 13 मार्च तक गन्ना आपूर्ति करने की अपील

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लक्सर: गन्ने की कमी से जूझ रही लक्सर शुगर मिल ने बंदी का पहला नोटिस जारी कर दिया है. मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को 13 मार्च तक गन्ने की आपूर्ति करने के लिए कहा गया है. इसके बाद चीनी मिल कभी भी बंद हो सकती है.

राय बहादुर नारायण सिंह शुगर मिल लक्सर इस बार जनवरी से ही गन्ने की कमी से जूझ रहा है. फरवरी माह में तो चीनी मिल गन्ने की कमी के चलते 10 से 12 घंटे बंद हो रही थी. लेकिन मार्च आते आते मिल में गन्ने की आपूर्ति ओर कम हो गयी. जिसके चलते चीनी मिल को नुकसान उठाना पड़ रहा है. मिल के प्रधान गन्ना प्रबंधक डॉक्टर बीएस तोमर ने बताया कि गन्ने की कमी के चलते अब मिल को चलाना मुश्किल हो रहा है.

उन्होंने किसानों से अपील की है कि जिनके पास गन्ना अवशेष है वह 13 मार्च तक गन्ने की आपूर्ति मिल को कर दें. इसके बाद मिल कभी भी बंद किया जा सकती है. उन्होंने बताया कि इस बार मिल द्वारा डेढ़ करोड़ कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. लेकिन मिल को अभी तक महज एक करोड़ सात लाख 35 हजार कुंतल गन्ने की ही आपूर्ति हो सकी है. जबकि गत वर्ष इस समय अवधि में एक करोड़ 15 लाख 88 हजार कुंतल गन्ने की पेराई की गई थी. जो गत वर्ष से 8 लाख 53 हजार कुंतल कम है. उन्होंने बताया कि मिल की पेराई क्षमता 1 लाख 30 हजार कुंतल प्रतिदिन है. गन्ना खरीद के लिए मिल की ओर से गेट के अलावा 122 क्रय केंद्र बनाए गए थे.

बता दें कि लक्सर राय बहादुर नारायण सिंह शुगर मिल का पेराई सत्र 2025-26 सात नवंबर से आरंभ हुआ था. अब गन्ना, किसानों के पास ना के बराबर बचा है. जिन किसानों के पास गन्ना बचा हुआ है, उन्होंने बुआई के लिए गन्ने को रोका हुआ है. बताया जा रहा है कि लगभग 5 फीसदी गन्ना ही बचा हुआ है. इस बार किसानों को लक्सर मिल की ओर से 384.15 करोड़ रुपए का भुगतान 20 फरवरी तक कर दिया गया है. किसानों को भी सही समय पर गन्ने का पेमेंट मिल चुका है. जिससे लक्सर शुगर मिल किसानों को गन्ना भुगतान के पेमेंट मामले में पिछले लंबे समय से उत्तराखंड में पहले स्थान पर है. गौर हो कि चालू पेराई सत्र में भी लक्सर शुगर मिल जिले में पहले स्थान पर काबिज है.

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