सीएम धामी ने चार अत्याधुनिक एंबुलेंस का किया फ्लैग ऑफ, इन 4 पहाड़ी जिलों में देंगी सेवाएं

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त किए जाने को लेकर जहां एक ओर राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है, तो वही दूसरी ओर तमाम संगठनों और बैंकों की ओर से भी सहयोग किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में एचडीएफसी बैंक ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी सीएसआर (CSR) फंड के जरिए जनहित में चार अत्याधुनिक एंबुलेंस समर्पित किए हैं. जिनका सीएम पुष्कर धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से फ्लैग ऑफ किया.
सीएसआर मद के तहत 4 अत्याधुनिक एंबुलेंस की सौगात: पहले चरण के तहत ये चारों एम्बुलेंस चार पर्वतीय जिलों में सेवाएं देंगी. एचडीएफसी बैंक की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत दी गई 4 अत्याधुनिक एंबुलेंस को राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
सीएम धाम ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता काफी महत्वपूर्ण है. एचडीएफसी बैंक की ओर से सीएसआर के जरिए उपलब्ध कराई गईं, ये एंबुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. राज्य सरकार जनभागीदारी एवं संस्थागत सहयोग के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है.
सीएम ने एचडीएफसी बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं काफी उपयोगी साबित होंगी. राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी एचडीएफसी बैंक से सीएसआर के जरिए और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है.
डॉक्टर, नर्स, अटेंडेंट एवं चालक की व्यवस्था भी बैंक करेगा: वहीं, बैंक अधिकारियों ने कहा कि इन एंबुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं. जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा. साथ ही आगामी तीन सालों तक प्रत्येक एंबुलेंस में डॉक्टर, नर्स, अटेंडेंट एवं चालक की व्यवस्था भी बैंक की ओर से की जाएगी.
पहले चरण में इन तीन जिलों में देंगी सेवाएं: पहले चरण में ये एंबुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी. भविष्य में राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों एवं आपदा प्रबंधन कामों में भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा.
