26 July 2026

बाबा मद्महेश्वर की दिव्य डोली कैलाश के लिए रवाना, 21 मई को खुलेंगे मंदिर के कपाट

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रुद्रप्रयाग: पंचकेदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं के साथ कैलाश के लिए रवाना हो गई. डोली के प्रस्थान के साथ ही मदमहेश्वर घाटी एक बार फिर भक्तिमय वातावरण में डूब गया और यात्रा पड़ावों पर चहल-पहल लौटने लगी है. भगवान मद्महेश्वर के पावन कपाट आगामी 21 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधिवत खोले जाएंगे.

सुबह से ही ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. “हर-हर महादेव” और “जय बाबा मद्महेश्वर” के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा. डोली यात्रा को लेकर मंदिर समिति, नगर पंचायत एवं हक-हकूकधारियों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थी. पारंपरिक वाद्ययंत्रों, फूलों से सजी डोली और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली ने कैलाश के लिए प्रस्थान किया. डोली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय ग्रामीण, हक-हकूकधारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे भक्त शामिल हुए.

यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा डोली का स्वागत किया गया तथा बाबा के जयकारों से पूरी घाटी शिवमय नजर आई. बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवान ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली आज प्रथम रात्रि प्रवास हेतु राकेश्वरी मंदिर रासी पहुंचेगी. इसके बाद बुधवार को डोली अंतिम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गांव पहुंचेगी तथा 21 मई को वेद ऋचाओं एवं वैदिक परंपराओं के अनुसार भगवान मद्महेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.

उन्होंने बताया कि यात्रा शुरू होने के साथ ही मदमहेश्वर घाटी के प्रमुख पड़ाव मनसूना, राउलैक, उनियाणा, रासी, गौण्डार, बंतोली समेत अन्य क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही तेज हो गई है. इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिल रही है. होटल व्यवसायी, घोड़ा-खच्चर संचालक, दुकानदार एवं स्थानीय व्यापारी यात्रा सीजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

मद्महेश्वर यात्रा को क्षेत्र की आर्थिकी की जीवनरेखा माना जाता है. यात्रा प्रारंभ होने से घाटी में एक बार फिर रौनक लौट आई है और स्थानीय लोगों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. दूर-दराज राज्यों से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है और पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था एवं शिवभक्ति के रंग में रंग चुका है. श्रद्धालुओं में बाबा मद्महेश्वर के दर्शन को लेकर भारी उत्साह बना हुआ है. पूरी घाटी इन दिनों भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दे रही है.

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