भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन, न्यूनतम वेतन 30 हजार करने समेत उठाईं 11 मांगें
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रुद्रपुर: उधम सिंह नगर में भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई ने श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है. संघ ने 17 अगस्त को देशभर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत श्रमिक हितों से जुड़ी 11 प्रमुख मांगें उठाई हैं.
श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन: ज्ञापन में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, ईएसआईसी और ईपीएफ की वेतन सीमा बढ़ाने, न्यूनतम पेंशन में महंगाई भत्ता जोड़ने, बोनस और ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने, समान काम-समान वेतन लागू करने तथा श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने की मांग की गई है.
भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन: उत्तराखंड खंड के उधम सिंह नगर के रुद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर के गेट पर भारतीय मजदूर संघ के लोगों ने एकत्रित होकर जमकर नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों और श्रम हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की जिला इकाई ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा. संघ की ओर से कहा गया कि देश के निर्माण और आर्थिक विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी कई मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं हो पाया है. इसी को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने 17 अगस्त 2026 को देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है.
न्यूनतम वेतन 30 हजार करने समेत कई मांगें उठाईं: ज्ञापन में श्रमिकों के हित से जुड़ी कुल 11 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है. संघ ने सबसे पहले देशभर में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की है. इसके साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लिए वेतन सीमा को 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार रुपये किए जाने की मांग रखी गई है.
ईपीएस 7,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग : भारतीय मजदूर संघ ने न्यूनतम कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की है. संघ के मुताबिक इसमें महंगाई भत्ता (डीए) जोड़ने के साथ ही पूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ भी दिया जाना चाहिए. वहीं कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की गई है.
बोनस की गणना वेतन सीमा को 18 हजार रुपए करने की मांग: ज्ञापन में बोनस से संबंधित नियमों में भी बदलाव की मांग की गई है. बोनस की गणना की वेतन सीमा को 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा बोनस पात्रता की वेतन सीमा को 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग रखी गई है. संघ ने आंगनबाड़ी, आशा सहित विभिन्न योजनाओं के तहत कार्यरत संविदा और मानदेय श्रमिकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग भी उठाई है.
ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग: इसके अलावा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करने, श्रम संहिताओं में मौजूद श्रमिक विरोधी प्रावधानों को तत्काल हटाने तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग की गई है. बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से उठ रही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है.
भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री से श्रमिकों की इन मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया है. संघ ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भागीदारी तभी सार्थक होगी, जब उन्हें उनके अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों. जिला इकाई ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार श्रमिक वर्ग की इन न्यायोचित मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी.
