गुरुकुल कांगड़ी कुलसचिव मारपीट मामला, तीन आरोपी अरेस्ट, भेजा गया जेल
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हरिद्वार: गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर शनिवार सुबह कुलसचिव के साथ मारपीट का मामला सामने आया. आरोप है कि कुलपति कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने कुलसचिव सत्यदेव निगमालंकार के साथ मारपीट की. आरोप है कि कुलसचिव को जमीन पर गिराकर पीटा गया. घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा हो गया. जिसके बाद आज इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ गंभीर धारोओं में केस दर्ज किया गया है.
पुलिस के अनुसार, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलसचिव सत्यदेव निगमालंकार ने शिकायत देकर बताया कि उनके कार्यालय में कुछ कर्मचारी जबरन कुलपति कार्यालय में घुसने का प्रयास कर रहे हैं. इस पर वह मौके पर पहुंचे तो कार्यालय के बाहर कई कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद थे. कुलसचिव ने उन्हें अपने कार्यस्थलों पर जाने और वहां अराजक माहौल नहीं बनाने की बात कही. आरोप है कि इस पर रजनीश भारद्वाज, नरेंद्र मलिक, अरुण पाल, ओमवीर सिंह, उमाशंकर और सत्यदेव समेत अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया
आरोपियों ने लात घूंसों, थप्पड़ों और हाथ में पहने कड़े से मारपीट की. इस दौरान उनके हाथ में मौजूद बैग भी छीन लिया. जिसमें कुछ चेक और विश्वविद्यालय के जरूरी दस्तावेज रखे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर जबरन कुलपति कार्यालय में घुस गए. वहां लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए. कार्यालय में लगी डीवीआर उखाड़ने के साथ कुछ गोपनीय फाइलें भी ले गए. कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाल दिया. कुलपति के कक्ष में घुसने का प्रयास कियाय विरोध करने पर कुलसचिव, कुलपति और अन्य कर्मचारियों को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई.मारपीट के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए. इसके बाद प्रो. प्रभात कुमार और कुलपति उन्हें कनखल थाने लेकर पहुंचे. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
मामले में बड़ा एक्शन: गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलसचिव सत्यदेव निगमलंकार के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान नरेंद्र मलिक, ओमबीर सिंह और उमाशंकर के रूप में हुई है. तीनों विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं. विश्विद्यालय में ही रहते हैं. पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
शनिवार सुबह एक बार फिर कर्मचारियों और कुलसचिव के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते विवाद ने हंगामे का रूप ले लिया और मारपीट हो गई. जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया की गई. पुलिस को घटना की जानकारी दी गई है. जिसके बाद कुलपति ने बयान दिया.
घटना के बाद कनखल कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया है. किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है. मामले की जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी.
