उत्तराखंड में बिजली संकट के बीच रोशन रहेगी दिवाली, निर्बाध आपूर्ति का प्लान तैयार
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देहरादून: उत्तराखंड में बिजली की बढ़ती मांग और उपलब्धता के बीच अंतर ने विद्युत आपूर्ति का दबाव बढ़ा दिया है. एक तरफ विभिन्न विकास कार्यों और तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराना भी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में दीपावली पर लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े, इसके लिए ऊर्जा विभाग विशेष तैयारी में जुटा है.
दीपावली के दौरान खासकर शाम और रात के समय बिजली की खपत में अचानक बढ़ोतरी होती है. घरों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोशनी के साथ बिजली की मांग बढ़ जाती है. इसे देखते हुए पहले से ही अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था और आपूर्ति प्रबंधन का प्लान तैयार किया जा रहा है.
उत्तराखंड में बिजली संकट: प्रदेश में बिजली की कमी और बढ़ती मांग के बीच दीपावली पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखना ऊर्जा विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है. प्रदेश में एक तरफ बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बना हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ विकास कार्यों और तकनीकी कारणों से कई क्षेत्रों में बिजली कटौती की स्थिति भी सामने आ रही है.
इसके बावजूद दीपावली पर लोगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए ऊर्जा विभाग ने विशेष आपूर्ति प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है. अधिकारियों को दीपावली के दौरान कहीं भी रोस्टिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि, प्रकाश के पर्व दिवाली पर अंधेरा न रहे. लोगों के घर रंग बिरंगी लाइटों से जगमग रहे.
दिवाली की रात बढ़ जाती है खपत: दरअसल, दीपावली पर शाम और रात के समय बिजली की खपत में अचानक बढ़ोतरी होती है. घरों से लेकर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक रोशनी की व्यवस्था के कारण पीक आवर्स में बिजली की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है. ऐसे में पहले से ही अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने पर जोर दिया जा रहा है.
प्रदेश में मौजूदा समय में बिजली की उपलब्धता को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. राज्य के अपने बिजली उत्पादन में कमी के साथ ही केंद्रीय पूल से मिलने वाली बिजली का निर्धारित अंश भी जरूरत के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. दूसरी तरफ देशभर में बिजली की मांग और आपूर्ति के दबाव का असर खुले बाजार पर भी दिखाई दे रहा है.
बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान: खुले बाजार से बिजली खरीदने के लिए ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है, इसके बावजूद पीक आवर्स में जरूरत के मुताबिक बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में त्योहार के दौरान अतिरिक्त मांग पूरी करने के लिए ऊर्जा विभाग को उपलब्ध बिजली का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना होगा.
बिजली आपूर्ति के साथ ही तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. जिन क्षेत्रों में बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों या अन्य उपकरणों से संबंधित मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाना है, उसे दीपावली से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी तकनीकी खराबी के कारण अचानक बिजली कटौती की स्थिति पैदा होने से रोकना है.
इसके अलावा ट्रांसफार्मरों और बिजली के खंभों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. त्योहार के दौरान बिजली के तारों से करंट फैलने, ट्रांसफार्मर में खराबी या अन्य किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं. बिजली की उपलब्धता के मोर्चे पर चुनौतियों के बावजूद विभाग की कोशिश है कि दीपावली पर प्रदेश के घरों और बाजारों की रोशनी प्रभावित न हो.
