27 July 2026

अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सामाजिक संगठन कल करेंगे सीएम आवास कूच, लगाए गंभीर आरोप

0

देहरादून: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने आगामी चार जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच किए जाने का ऐलान किया है. सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा.

शुक्रवार को सामाजिक और जन संगठनों , विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगा. उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने बताया कि अंकिता केस मे नए आरोपों के बाद अब इस मामले की फिर से जांच करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर जन मुद्दों पर सीएम आवास कूच किए जाने की घोषणा की है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सीएम आवास कूच किए जाने पर अपना समर्थन दिया है.

कमला पंत ने कहा कि उर्मिला सनावर के जो ऑडियो वीडियो सामने आए हैं, उसमें अंकिता हत्याकांड के कई पहलू उजागर हुए हैं. ऐसे में अंकिता मामले पर नया मोड़ आने के बाद सरकार इस मामले में टालमटोल कर रही है. कमला पंत का कहना है कि कूच के दौरान सभी संगठन सरकार से कुछ सवालों के जवाब चाहते हैं. अंकिता के दोषियों को बचाने के लिए किसने सबूत मिटाए, क्यों रिजॉर्ट के उस हिस्से को बुलडोजर से ढहाया गया, जहां अंकिता रहा करती थी. सत्तारूढ़ पार्टी के पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े ऑडियो वीडियो सामने आने के बावजूद सरकार इसकी जांच क्यों नहीं करवा रही है.

जन संगठनों का कहना है कि अपराधियों को सजा दिलाने की जगह सरकार इस मामले पर चुप क्यों है. संगठनों के सभी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाने वाली उर्मिला की सुरक्षा की भी सरकार से मांग उठाई है. सभी जनप्रतिनिधियों ने बताया कि 4 तारीख को परेड ग्राउंड से रैली निकाली जाएगी, दून क्लब के सामने सवेरे ग्यारह बजे सभी लोग इकट्ठा होंगे. उसके बाद मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा.

बता दें कि उत्तराखंड में अंकिता भंडारी केस से जुड़ी एक कथित कंट्रोवर्सी से सियासत तेज है. मामले में कांग्रेस, बीजेपी पर लगातार निशाना साध रही है. जबकि तमाम संगठन सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे बीजेपी असहज नजर आ रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading