27 July 2026

उत्तराखंड में एसएसबी जवान के बेटे ने की आत्महत्या, शरीर पर मिले कई घाव के निशान

0

देहरादून: पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में एसएसबी के अपर उपनिरीक्षक के बेटे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मौके पर एक चाकू भी बरामद हुआ है. जबकि, उसके शरीर पर कई गहरे घाव के निशान हैं. परिजनों को जानकारी मिलते ही वे उसे तत्काल अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया, फिर उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है.

अपार्टमेंट की पार्किंग में की आत्महत्या: जानकारी के मुताबिक, पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के विद्या विहार फेस 2 में रहने वाले अनिल सिंह (उम्र 23 वर्ष) ने गुरुवार यानी 12 सितंबर को अपने अपार्टमेंट की पार्किंग में आत्महत्या कर ली. उसके भाई भूपेंद्र सिंह और अन्य परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक अनिल के शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे और उसका पूरा शरीर खून से सना हुआ था.

घटनास्थल से चाकू भी बरामद: परिजनों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी और सूचना मिलते ही पटेलनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही घटनास्थल की जांच पड़ताल की. जांच पड़ताल के दौरान घटनास्थल से चाकू भी बरामद हुआ. इसके बाद शव को मोर्चरी में रखा गया. फिर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई.

मानसिक बीमारी से पीड़ित था युवक: पुलिस की जांच में पता चला है कि अनिल सिंह पिछले 2 सालों से मानसिक बीमारी से पीड़ित था. वो बी फार्मा का छात्र था, लेकिन कॉलेज नहीं जा रहा था. वो अपने भाई और मां के साथ घर पर ही रहता था. अक्सर असामान्य व्यवहार करने लगता था. वो पिछले 5 दिनों से खौफनाक कदम उठाने की बात कर रहा था, लेकिन उसकी बातों पर गौर नहीं किया गया.

एसएसबी में एएसआई के पद पर तैनात हैं पिता: मृतक अनिल के पिता हीरा सिंह छत्तीसगढ़ में एसएसबी में एएसआई के पद पर तैनात हैं. उनका परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ का निवासी है. बताया जा रहा है कि युवक ने एक सोशल मीडिया साइट पर वीडियो देखा. जिसके बाद उसने खौफनाक कदम उठाया. उसके शरीर पर 20 से ज्यादा घाव मिले हैं. हालांकि, इस दौरान वो चिल्लाया नहीं और खून बहता देख परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading