27 July 2026

उत्तराखंड में 10 हजार दम्पतियों ने IVF के जरिये किया गर्भधारण, सूनी गोद में गूंजी किलकारियां

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देहरादून: उत्तराखंड में एआरटी अधिनियम-2021 और सरोगेसी अधिनियम-2021 के प्रावधानों के तहत निःसंतान दम्पत्ति संतान सुख का लाभ उठा रहे हैं. सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) के तहत प्रदेश में अब तक 56,008 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया, जबकि आईयूआई व आईवीएफ तकनीक से 10,560 विवाहित दंपत्तियों ने गर्भधारण का लाभ प्राप्त किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बुधवार को राज्य स्तरीय एआरटी एंड सरोगेसी बोर्ड की बैठक की.

बैठक में एआरटी अधिनियम- 2021 और सरोगेसी अधिनियम- 2021 को बेहतर ढंग से लागू करने, नैतिक मानकों का पालन और पादर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर बोर्ड सदस्यों के साथ चर्चा की. धन सिंह रावत ने बताया प्रदेश में लागू एआरटी अधिनियम- 2021 और सरोगेसी अधिनियम- 2021 के ठोस क्रियान्वयन से निःसंतान दम्पत्तियों को बड़ी राहत मिल रही है. उन्होंने बताया कि सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) के तहत अब तक 56,008 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया. साथ ही 10560 दम्पत्तियों ने आईयूआई व आईवीएफ तकनीक के जरिये गर्भधारण का लाभ प्राप्त किया है.

बैठक में स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने अधिनियम को बेहतर ढंग से लागू करने संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिये. अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल ने रैखीय विभागों गृह, महिला एवं बाल सशक्तिकरण व न्याय आदि विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुझाव दिये. बैठक में राज्य स्तरीय एआरटी एंड सरोगेसी बोर्ड की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता चुफाल ने प्रदेश में दोनों एक्ट के तहत अब तक संचालित सभी गतिविधियों का पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया.

जिसमें उन्होंने बताया प्रदेश में लेवल-1 की कुल 8 व लेवल-2 की कुल 29 एआरटी क्लीनिक पंजीकृत हैं, जबकि 11 एआरटी बैंक क्रियाशील हैं. इसके अलवा दो सरोगेसी क्लीनिक भी संचालित किये जा रहे हैं. जिसमें देहरादून जिले में लेवल-1 के 6 और लेवल-2 के 18 एआरटी क्लीनिक संचालित किये जा रहे हैं. साथ ही 2 सरोगेसी क्लीनिक और 6 एआरटी बैंक भी देहरादून में संचालित है. हरिद्वार जिले में लेवल-1 के 1 और लेवल-2 के 4 एआरटी क्लीनिक के साथ ही 6 एआरटी बैंक संचालित है.

नैनीताल जिले में लेवल-1 का 1 और लेवल-2 के 3 एआरटी क्लीनिक जबकि 3 एआरटी बैंक संचालित किये जा रहे हैं. इसी तरह ऊधमसिंह नगर जिले में लेवल-2 के 4 एआरटी क्लीनिक और 3 एआरटी बैंक क्रियाशील हैं. बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया एआरटी अधिनियम- 2021 और सरोगेसी अधिनियम- 2021 के ठोस क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में एआरटी सरोगेसी बोर्ड, राज्य समुचित प्राधिकारी, अपीलीय अधिकारी और जिला स्तर पर भी मेडिकल बोर्डों का गठन किया गया है.

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