27 July 2026

कांग्रेस पार्षद से नाराज कर्मचारी! देहरादून नगर निगम में दूसरे दिन भी काम काज रहा ठप, जानिए वजह

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देहरादून: राजधानी देहरादून के नगर आयुक्त नमामि बंसल और कांग्रेस पार्षद के बीच हुआ विवाद खत्म होने के बचाए बढ़ता ही जा रहा है. शुक्रवार को भी इस मामले पर कर्मचारियों की नाराजगी खत्म नहीं हुई और उन्होंने हड़ताल जारी रखी. हालांकि दूसरे दिन नगर आयुक्त नमामि बंसल ने कर्मचारियों से बात करने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक कांग्रेस पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, उनकी हड़ताल जारी रहेगी.

दरअसल, मंगलवार को वार्ड 47 से कांग्रेस पार्षद रोबिन अपने कुछ समर्थकों के साथ देहरादून नगर निगम के कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने नगर आयुक्त नमामि बंसल पर इंतजार कराने और फोन ना उठाने का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय का घेराव किया. इसी दौरान नगर आयुक्त और कांग्रेस पार्षद रोबिन की बीच तीखी बहस भी हुई.

पार्षद रोबिन का आरोप है कि नगर आयुक्त ने ऊंची आवाज में बात करने पर आपत्ति जताई और उन्हें अपने कक्ष से बाहर जाने को कह दिया. इसके बाद देहरादून नगर निगम कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया. पार्षद रोबिन का आरोप है कि कुछ वार्डों में 70 लाख रुपए से अधिक के कार्य प्रस्तावित है, जबकि उनके वार्ड को विकास कार्य के लिए अब तक बजट नहीं दिया गया है. इसके अलावा चहते पार्षदों को एक करोड़ रुपए तक का बजट दिया जा रहा है और कुछ को सिर्फ 20 लाख रुपए का.

पार्षद रोबिन का कहना है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया है. नगर आयुक्त अपने कक्ष के सीसीटीवी कैमरों को चेक कर सकती है. अगर उनकी गलती हैं तो वह नगर आयुक्त से माफी मांगेंगे. यदि नगर आयुक्त की गलती है तो वह भी मंच से माफी मांगे.

वहीं नगर निगम के कर्मचारियों ने कांग्रेस पार्षद रोबिन के व्यवहार पर अपनी नाराजगी जताई है. इसीलिए गुरुवार से वो हड़ताल पर है. कर्मचारियों ने काम पर लौटने के लिए कांग्रेस पार्षद रोबिन से माफी मांगने की मांग रखी है. देहरादून नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि शुक्रवार को नगर आयुक्त नमामि बंसल ने हड़ताली कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, ताकि कर्मचारी काम पर लौट सके.

वहीं नगर निगम के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक संबंधित पार्षद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा.

नगर निगम के तीनों कर्मचारी संगठनों से बात कर लगातार प्रयास किए जा रहा था कि हड़ताल को खत्म किया जाए. साथ ही अलग-अलग अनुभागों ने आम जनता के लिए कार्य सुचारू रूप से चलता रहे.

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