28 July 2026

खत्म हुआ पौड़ी में गुलदार का आतंक! वन विभाग ने पिंजरे में किया कैद, 3 साल के मासूम को बनाया था निवाला 

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पौड़ी गढ़वाल: सतपुली क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया. बीती 22 अगस्त को सतपुली में नेपाली मूल के मजदूर परिवार के तीन साल के मासूम को गुलदार झोपड़ी से उठा ले गया था. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. इस घटना के दो दिन बाद 24 अगस्त को गुलदार ने आठ साल के बच्चे पर हमला कर दिया था.

वन प्रभाग लैंसडाउन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सतपुली क्षेत्र में गश्त बढ़ाई और रणनीति बनाकर की घताल के पास पिंजरा लगाया. साथ ही गुलदार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई. गुरुवार को गुलदार उसी पिंजरे में कैद हो गया. गुलदार के पकड़े जाने की खबर से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग का आभार जताया.

भविष्य के लिए स्थायी समाधान की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों में आना लगातार बढ़ रहा है. एक हफ्ते के अंदर दो घटनाओं से इलाके में दशहत बढ़ गई थी. स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान को लेकर काफी डर रहता था. लेकिन अब गुलदार के पिंजरे में कैद होने से थोड़ी राहत की सांस ली है. ग्रामीणों ने क्षेत्र में लंबे समय से बना भय का माहौल कुछ हद तक खत्म होने पर वन विभाग की टीम की मेहनत की सराहना की. हालांकि, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशना आवश्यक है.

गुलदार का होगा स्वास्थ्य परीक्षण: एसडीओ रजत कपिल ने बताया कि गुलदार की बढ़ती दहशत को देखते हुए पिंजरा लगाया गया था और वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही थी. उन्होंने कहा कि फिलहाल गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. उसके बाद उच्च अधिकारियों के आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. एसडीओ ने यह भी बताया कि वन विभाग की ओर से स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है.

ग्रामीणों को सावधान रहने की सलाह: उन्होंने बताया कि गुलदार ने जिन घटनाओं को अंजाम दिया, वे ज्यादातर उन स्थानों पर हुई हैं, जहां गुलदार की आवाजाही अधिक रहती थी. ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोग छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को देर शाम और रात के समय घर के बाहर न छोड़ें. सतर्कता और सावधानी बरतकर ही भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकता है.

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