27 July 2026

चाहें तो पद से हटवा दें, सेटलमेंट नहीं करूंगा,साजिशों का जिक्र कर भावुक हुए गोदियाल, ठग पर किया खुलासा

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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक ठग काफी चर्चाओं में हैं, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है. इस ठग को लेकर जब उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया गया तो वे भावुक हो गए. इस दौरान गणेश गोदियाल के आंसू भी छलक पड़े. उन्होंने साफ कहा कि वो स्टेट फॉरवार्ड व्यक्ति रहे हैं, और कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए जो व्यक्ति उनसे ज्यादा बेहतर हो, उसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कमान दे दी जाए.

दरअसल, देहरादून पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार किया है. आरोपी ठग ने भावना पांडेय नाम की महिला से 25 लाख रुपए की ठगी की है. महिला का आरोप था कि ठग ने खुद को राहुल गांधी का पीए बताकर उनसे संपर्क किया था. ठग ने भावना पांडेय को विश्वास में लेते हुए कहा था कि वो उसे आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का टिकट दिलवा देगा. इसी के नाम पर आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से भावना पांडेय से करीब 25 लाख रुपए की ठगी. हालांकि, जब भावना पांडेय को अपने साथ हुई ठगी को एहसास हुआ तो काफी देर हो चुकी थी.

इसी बारे में आज जब गणेश गोदियाल से भी मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि ठग ने उन्हें भी फोन किया था और कहा था कि उनकी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी जाने वाली है. पहले तो उन्हें भी उस ठग की बातों पर विश्वास हो गया था, लेकिन कुछ ही देर में वे समझ गए थे, यह कोई फर्जी व्यक्ति है.

गोदियाल ने कहा कि जब इस ठग का फोन उनके पास आया था तो उन्होंने उस ठग को स्पष्ट कहा कि उनको कल नहीं, बल्कि आज ही प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटवा दें लेकिन वो तब भी पार्टी के साथ हैं और पार्टी के कार्यकर्ता हैं. गोदियाल ने कहा कि एक बार तो ठग की बातों पर उनको भी विश्वास हुआ, लेकिन जब उसने किसी दूसरे का नाम लेते हुए सेटलमेंट की बात कही, तब उनको उस पर शक हुआ. मैं भी यही चाहता हूं कि उत्तराखंड पुलिस उस ठग के प्रयोजन को सार्वजनिक करें, ताकि यह पता चल सके कि किस मकसद से उसने ठगी को अंजाम दिया. इस ठगी में कौन-कौन से लोग फंसे, जो लोग इस ठगी में फंसे, यह सब बातें उजागर होनी चाहिए. वह कई दिनों से सो नहीं पाए, उनकी बेचैनी अभी भी है कि यह पूरा वाक्या जनता के समक्ष आना चाहिए. मैंने साफ तौर पर कहा कि मैं कोई सेटलमेंट की बात नहीं करुंगा, क्योंकि मैंने कोई अपराध नहीं किया है. मुझे पिछले डेढ़ महीने से विभिन्न माध्यम से यह जानकारी मिल रही थी कि कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिशें कर रहे हैं. मैं इस दौरान कुछ भी नहीं सोच पा रहा था. पुलिस इस प्रकरण में अभी भी बहुत कुछ छिपा रही है. उसने जो नाम लिए हैं, पुलिस का काम उन नामों को उजागर करना है.

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