27 July 2026

टिहरी आपदा प्रभावित इलाकों का विधायक और डीएम ने किया दौरा, मंत्री गणेश जोशी ने पर्यटकों से मांगी माफी

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धनौल्टी/मसूरी: टिहरी जिले में बारिश से भारी नुकसान हुआ है. इसी कड़ी में धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार और डीएम नितिका खंडेलवाल ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सकलाना के लामकांडे और हटवाल गांव का स्थलीय निरीक्षण किया. साथ ही आपदा से हुए क्षति का जायजा लिया. वहीं, देहरादून-मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास बैली ब्रिज तैयार लिया गया है. खुद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और युद्धस्तर पर कार्य कर रही टीम का हौसला बढ़ाया.

बता दें कि टिहरी जिले के धनौल्टी तहसील के सकलाना क्षेत्र में अतिवृष्टि और भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है. जहां पीएमजीएसवाई की मरोड़ा-बनाल, मरोड़ा-कुंड रोड पर जगह-जगह मलबा आने एवं वॉश आउट होने से बंद है. क्षेत्र में आवासीय भवनों, फसलों, पेयजल लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं, धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है. प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर राहत कार्यों में लगी हुई है.

वहीं, डीएम नितिका खंडेलवाल ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ मरोड़ा और हटवाल गांव तक पैदल जाकर नुकसान का जायजा लिया. उन्होंने फसलों, आवासीय भवनों, पेयजल लाइन, विद्युत, सिंचाई आदि को दैवीय आपदा से हुई क्षति का आकलन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. डीएम नितिका ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को प्रभावित किसानों की क्षति का आकलन कर मुआवजे की रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

उन्होंने अधिकारियों को जिन गांवों में अभी भी पेयजल की समस्या है, वहां पर विभाग को तात्कालिक व्यवस्था करने और सड़क खुलने तक प्लास्टिक के पाइपों से पानी की व्यवस्था करने को कहा. पीएमजीएसवाई को सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन बढ़ाने और डंपर लगाने के निर्देश दिए.

वहीं, डीएम नितिका ने तहसीलदार को लामकांडे के भगवान दास के भवन के क्षतिग्रस्त होने चलते परिवार को किराए पर घर दिलाने और विस्थापन के लिए सर्वे कराने को कहा. साथ ही बताया कि सोंग नदी के तेज बहाव से हटवाल गांव के पंचम सिंह हटवाल को करीब 15 लाख ट्राउट फिश का नुकसान हुआ है. उन्होंने सोंग नदी पर बाढ़ सुरक्षा के लिए चेक डैम की हाइट कम करने को कहा.

इस मौके पर आपदा प्रभावित भगवान दास को पूर्ण मकान क्षति का 1 लाख 35 हजार का राहत चेक वितरित किया गया. इसके अलावा आपदा प्रभावित परिवारों को आपदा राहत सामग्री, राशन किट, तिरपाल, कंबल सामग्री वितरित की गई. जिला पूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत लामकांडे, मरोड़ा, हटवाल, मटियाणा गांव के लिए 70 राशन किट, रगड़गांव, तोलियाकाटल आदि अन्य क्षेत्रों के लिए 250, देवप्रयाग 30, नरेंद्रनगर 40 और तपोवन के लिए 20 राशन किट भेजे.

पर्यटकों और स्थानीय लोगों से कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी बोले- आपदा में सरकार आपके साथ: हाल की अतिवृष्टि के कारण देहरादून-मसूरी मार्ग पर शिव मंदिर के पास बना पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे मसूरी आने-जाने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. इस आपदा के बीच राहत की खबर ये है कि सिर्फ दो दिनों में बैली ब्रिज तैयार कर दिया गया है.

वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार देर शाम खुद मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और युद्धस्तर पर कार्य कर रही टीम का हौसला बढ़ाया. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सिर्फ 48 घंटे में वैकल्पिक पुल तैयार करने के लिए शाबाशी दी. उन्होंने कहा कि यह कार्य वास्तव में सराहनीय है.

पुल के ध्वस्त होने से रुकी रहीं जिंदगियां: शिव मंदिर के पास स्थित यह पुल देहरादून और मसूरी के बीच का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसे हजारों पर्यटक रोजाना आवाजाही के इस्तेमाल करते हैं. पुल के टूटने से न सिर्फ पर्यटकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. बल्कि, स्थानीय व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन यातायात भी बाधित हो गया.

मंत्री जोशी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मांगी असुविधा के लिए माफी: वहीं, गणेश जोशी ने कहा कि इस मार्ग के बंद होने से लोगों को दिक्कत हुई है. इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं, लेकिन यह एक प्राकृतिक आपदा थी, जिस पर किसी का वश नहीं. फिर भी सरकार ने तेजी से कदम उठाए और कम से कम समय में समाधान दिया.

बैली ब्रिज बना समाधान, अब मार्ग होगा सुचारु: बैली ब्रिज एक प्रकार का अस्थायी, लेकिन मजबूत स्टील का पुल होता है. जिसे सेना और आपदा प्रबंधन एजेंसियां आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल करती हैं. फिलहाल, शिव मंदिर के पास बैली ब्रिज तैयार किया गया है. जिससे मसूरी और देहरादून के बीच आवाजाही शुरू हो गई है.

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