28 July 2026

ड्रग फ्री उत्तराखंड के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क में बनेंगे नए पद, सीएम ने बॉर्डर एरिया में कड़ी निगरानी के दिए आदेश

0

देहरादून: उत्तराखंड में नशे का कारोबार तेजी से फल और फूल रहा है. खासकर युवाओं में नशा करने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है. जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ अभियान शुरू किया है. इसी कड़ी में प्रदेश में बढ़ते नशे के मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को बृहद स्तर पर संचालित किया जाए. ताकि, प्रदेश में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगाया जा सके.

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में नए पदों के सृजन पर जोर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ निर्देश दिए हैं कि एनडीपीएस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act 1985) के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और ज्यादा सशक्त बनाया जाए. जरूरत के अनुसार एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में नए पदों का सृजन भी किया जाए.

राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर कर सकते हैं शिकायत: सीएम धामी ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ 1933 का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए. ताकि, जनता इस पर शिकायत दर्ज करा सकें. उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य संबंधित विभाग एक साथ मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधित कार्यशाला का आयोजन करें.

उत्तराखंड में न हो बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई: ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उसके हिसाब से कार्रवाई करने को भी कहा गया है. सीएम धामी ने साफतौर पर कहा कि बॉर्डर एरिया में सतर्कता बढ़ाई जाए और ये सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई उत्तराखंड में न हो पाए.

ड्रिंक एंड ड्राइव पर होगी सख्त कार्रवाई: ड्रग्स की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास भी किए जाएं. इसके अलावा सीएम धामी ने पुलिस को रात के समय गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान कर चुके हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी उत्तराखंड में खासकर सरकारी कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली चीजे स्वदेशी हो, इसके निर्देश दिए थे. ऐसे में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सीएम धामी ने प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड में स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर: इतना ही नहीं उत्तराखंड में स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग के रूप में काम करने के निर्देश दिए गए. ताकि, स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों के रुझान को बढ़ाया जा सके.

उत्तराखंड राज्य में 17 फरवरी 2024 को नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की गई थी. इस अभियान की मुख्य वजह यही थी कि प्रदेश के युवाओं में लगातार बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति के साथ ही प्रदेश में बड़ी मात्रा में पकड़े जा रहे नशे की खेत पर लगाम लगाना. इसके साथ ही भारत सरकार ने भी साल 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी, जिसके तहत सभी राज्य इस अभियान को अपना रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading