27 July 2026

त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े पदों पर उपचुनाव, 20 नवंबर को वोटिंग, अधिसूचना जारी

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देहरादून: उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार जिला छोड़ प्रदेश के बाकी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े तमाम पदों पर उपचुनाव कराया जाना है. जिसके तहत उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है. जारी अधिसूचना के अनुसार, 13 और 14 नवंबर को नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि रखी गई है. ऐसे में 20 नवंबर को मतदान होगा और 22 नवंबर को मतगणना की प्रक्रिया संपन्न होगी.

दरअसल, इसी साल जुलाई-अगस्त माह में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से ही हजारों पद खाली चल रहे हैं. त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े पदों में सदस्य ग्राम पंचायत के 32 हजार 934 पद, प्रधान ग्राम पंचायत के 22 पद, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 2 पद और सदस्य जिला पंचायत का एक पद शामिल है. रुद्रप्रयाग जिले में एक पद सदस्य जिला पंचायत का खाली है. साथ ही उत्तरकाशी और चमोली जिले में एक- एक पद सदस्य क्षेत्र पंचायत का खाली है. जिन पदों पर कुछ महीने पहले हुए चुनाव के दौरान चुनाव नहीं हो पाए थे. ऐसे में इन खाली पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है.

20 को वोटिंग, 22 को काउंटिंग: राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 13 और 14 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल करने की तिथि रखी गई है. 15 नवंबर को सुबह 10 बजे से कार्य समाप्ति तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 16 नवंबर को सुबह 10 से दोपहर 3 तक नाम वापसी की तिथि रखी गई है. 16 नवंबर को दोपहर 3 बजे के बाद कार्य समाप्ति तक चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाएगा. 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. इसके साथ ही 22 नवंबर को सुबह 8 बजे से कार्य समाप्ति तक मतगणना की प्रक्रिया चलेगी. निर्वाचन आयोग के मुताबिक, उपचुनाव संबंधित अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्रों की बिक्री भी शुरू हो गई है. साथ ही आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है जो मतगणना समाप्ति तक जारी रहेगी.

कितने का मिलेगा नामांकन पत्र: सदस्य ग्राम पंचायत पद पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्रों का मूल्य 150 रुपए साथ ही पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए 75 रुपये रखा गया है. इसी तरह, प्रधान ग्राम पंचायत पद पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्रों का मूल्य 300 रुपए साथ ही पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला ग्राम प्रधान उम्मीदवारों के 150 रुपए रखा गया है.

यहां जमा होंगे नामांकन पत्र: वहीं, ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत के सामान्य चुनाव के दौरान कुछ पद खाली रह गए थे. जिसमें सबसे अधिक 32 हजार 934 पद सदस्य ग्राम पंचायतों के साथ ही अन्य सदस्यों के पद रिक्त हैं. ऐसे में खाली पड़े इन पदों पर उपचुनाव कराए जाने को लेकर आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है. इसी क्रम में जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है. ऐसे में सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत और सदस्य क्षेत्र पंचायत पदों के नामांकन पत्र ब्लॉक स्तर पर जमा होंगे. साथ ही सदस्य जिला पंचायत पद का नामांकन जिला मुख्यालय पर जमा किया जाएगा.

प्रत्याशियों की खर्च सीमा: राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत उपचुनाव में प्रत्याशियों के खर्च सीमा संबंधित दिशा निर्देश भी जारी कर दिए है. सदस्य ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम दस हजार रुपये की खर्च सीमा निर्धारित की गई है. इसी तरह, प्रधान ग्राम पंचायत और सदस्य क्षेत्र पंचायत पदों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए अधिकतम खर्च सीमा 75-75 हजार रुपये तय किया गया है. जबकि सदस्य जिला पंचायत पद पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अधिकतम दो लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे.

नामांकन के बाद जारी होंगे नियुक्ति आदेश: नामांकन पत्रों की बिक्री के बाद उपचुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जाएगा. उपचुनाव के दृष्टिगत जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सदस्य ग्राम पंचायत के सबसे अधिक पद खाली हैं. ऐसे में जिन ग्राम पंचायत का गठन नहीं हुआ है, वहां पर अधिक मतदान होने की संभावना है. ऐसे में मतदान पार्टियों का गठन तो कर लें, लेकिन नियुक्ति आदेश नामांकन के बाद जारी किए जाएं. ताकि ये स्पष्ट हो सके कि किन-किन स्थानों पर मतदान किए जाने हैं. क्योंकि अधिकतर यही देखा गया है कि सदस्य ग्राम पंचायत निर्विरोध चुन लिए जाते हैं. ऐसे में उस स्थान पर पोलिंग पार्टियों को भेजने की जरूरत नहीं होती है.

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