धामी बोले शुद्धिकरण हुआ है लेकिन जाति का नहीं, कांग्रेस को भी घेरा, जानिए क्या कुछ कहा
![]()
हल्द्वानी: शुद्धिकरण मामले को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को तूल देकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है. सीएम धामी ने ये बयान अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से पहले दिया है.
मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन सीएम की प्रतिक्रिया: खास बात यह है कि इस मामले में एक दिन पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. इसके ठीक बाद मुख्यमंत्री धामी ने फिर इस विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में सीएम का बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय कांग्रेस को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की.
शुद्धिकरण को लेकर गरमाया सियासी विवाद: हल्द्वानी में शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर सामने आए विवाद के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज है. कांग्रेस की ओर से जहां इसे अपमान और सामाजिक विभाजन से जोड़कर सवाल उठाए गए वहींं मुख्यमंत्री धामी ने इन आरोपों के लिए ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखने की चुनौती दी है. अब मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है. जांच में शुद्धिकरण यज्ञ के पीछे की वास्तविक वजह क्या सामने आती है इस पर सभी की नजरें हैं. फिलहाल मुख्यमंत्री के ताजा बयान ने इस पूरे मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है.
हल्द्वानी में दर्ज हुई एफआईआर: बता दें हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ के मामले में एक और FIR दर्ज की है. यह FIR कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज की गई. BNS की धारा 196 और 299 के साथ-साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मामला दर्ज किया गया है। नैनीताल के SSP मंजूनाथ TC ने जांच SP क्राइम जगदीश चंद्र को सौंप दी है. नैनीताल SSP मंजूनाथ TC ने बताया कि पुलिस को पूरे उत्तराखंड से 80 शिकायतें/याचिकाएं मिली थीं, जिनमें नैनीताल ज़िले की 19 शिकायतें शामिल थीं, जिनमें इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई थी. SSP ने कहा शिकायतों की कानूनी जांच के बाद, अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया; अंजू ही वह पहली व्यक्ति थीं जिन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.
