29 July 2026

नैनीताल: दुपहिया वाहन ₹200 और फोर व्हीलर को केवल ₹500 पेट्रोल मिलने का दावा, जानें क्या कहते हैं संचालक

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नैनीताल: अगर आप उत्तराखंड के सरोवर नगरी नैनीताल आ रहे हैं तो अपने साथ डीजल पेट्रोल की व्यवस्था करके आइए. ऐसा इसलिए क्योंकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि नैनीताल शहर के मुख्य पेट्रोल पंप पर तेल की लिमिट तय की गई है. कारण ये है कि, इन दिनों शहर में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण डीजल-पेट्रोल की खपत बढ़ रही है. ऐसे में पंपों का स्टॉक भी जल्दी खत्म होने लगा है. इससे बचने के लिए यहां सूखाताल पंप पर वाहन चालकों को सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है.

इन दिनों नैनीताल सिर्फ पर्यटन सीजन की चहल-पहल के लिए ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीजल की सीमित सप्लाई को लेकर भी चर्चा में है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच अब नैनीताल के पेट्रोल पंपों पर वाहनों को सीमित मात्रा में तेल दिए जाने की बात सामने आ रही है. इससे स्थानीय टैक्सी चालकों, व्यापारियों और आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि, नगर के सूखाताल स्थित पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को केवल 200 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. जबकि टैक्सी और फोर व्हीलर के लिए 500 रुपये से अधिक का पेट्रोल डीजल नहीं मिल रहा. पर्यटन सीजन के बीच इस तरह की व्यवस्था ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि यदि तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तो कम से कम पर्याप्त मात्रा में ईंधन की उपलब्धता तो सुनिश्चित होनी चाहिए.ह पिछले कई वर्षों से टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. लेकिन बीते 15 से 20 दिनों से उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नगर के सूखाताल पेट्रोल पंप पर 500 रुपए से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, जिससे लंबी दूरी के सफर में दिक्कतें आ रही हैं. पर्यटन सीजन के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है और ऐसे समय में सीमित तेल मिलने से काम प्रभावित हो रहा है.

दरअसल, मल्लीताल क्षेत्र का सूखाताल पेट्रोल पंप इलाके का प्रमुख और एकमात्र पेट्रोल पंप माना जाता है. जहां रोजाना भारी संख्या में वाहन पहुंचते हैं. सीजन के दौरान यहां ईंधन की खपत काफी बढ़ जाती है.

पेट्रोल पंप से मिली जानकारी के अनुसार, इन दिनों रोजाना लगभग 12 हजार लीटर तेल की सप्लाई हो रही है, जबकि पर्यटन सीजन में सामान्य तौर पर करीब 14 हजार लीटर प्रतिदिन सप्लाई होती रही है. वहीं तल्लीताल स्थित दूसरे पेट्रोल पंप में भी लगभग 10 हजार लीटर प्रतिदिन तेल पहुंच रहा है.

जानकारी के मुताबिक, ऑफ सीजन में मल्लीताल पेट्रोल पंप पर रोजाना 5 से 6 हजार लीटर तेल (पेट्रोल डीजल) की खपत होती है. लेकिन पर्यटन सीजन में यह आंकड़ा बढ़कर 6 से 7 हजार लीटर तक पहुंच जाता है. पेट्रोल पंप कर्मचारियों का कहना है कि फिलहाल सिर्फ एक गाड़ी पेट्रोल और एक गाड़ी डीजल की सप्लाई आ रही है, जिसकी क्षमता 12 हजार लीटर है.

लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि समस्या पिछले 15 दिनों से बनी हुई है तो अब तक टैंक की मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई, खासकर तब जब 15 मई से पर्यटन सीजन औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है. वहीं डीजल सप्लाई सीमित होने को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि यदि पेट्रोल टैंक में खराबी है तो डीजल की सप्लाई प्रभावित क्यों हो रही है.

उधर, तल्लीताल के पेट्रोल पंप संचालक दीपक ने बताया कि, पंप पर टू व्हीलर को 200 रुपए तक का पेट्रोल और फोर व्हीलर के लिए 500 रुपए तक का पेट्रोल डीजल देने की सीमा तय की गई है. इमरजेंसी वाहन जैसी एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों को पूरा तेल दिया जा रहा है.

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