27 July 2026

पिथौरागढ़ में भारी बारिश, लैंडस्लाइड से दो दर्जन सड़कें बंद, आदि कैलाश यात्रा के दूसरे चरण पर ब्रेक

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ जिले में आपदा कम होने का नाम नहीं ले रही है. हालांकि इस मानसून सीजन में पिथौरागढ़ में सामान्य से कम बारिश हुई है. लेकिन कुछ विशेष क्षेत्रों में ही ज्यादा बारिश होने के कारण आए दिन आपदा जैसे हालात बन रहे हैं. रविवार देर रात भी पिथौरागढ़ के कुछ हिस्से में जोरदार बारिश हुई है.

पिथौरागढ़ में रविवार देर रात्रि को बारिश ने यहां जमकर कहर बरपाया है. बारिश के कारण जिले भर की दो दर्जन सड़कें बंद हो गई हैं. थल पिथौरागढ़ मोटर मार्ग थल से 600 मीटर आगे पहाड़ी से मलबा आने के कारण बंद हो गया है. मौसम के अलर्ट के चलते आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण आज से शुरू नहीं हो सका है.

पिथौरागढ़ में बारिश लायी आफत: थल बेरीनाग मोटर मार्ग में बरड बैंड के पास भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया है. वहीं थह पावर हाउस को जाने वाली नहर को भी नुकसान पहुंचा है. पांखू कोटमन्या मोटर मार्ग में प्रेमनगर के पास मलबा आने से बंद हो गया है. थल लेजम मोटर मार्ग भी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है. इस मार्ग में सड़क की दीवार ध्वस्त होने से गोल गांव में भूपेंद्र गिरि के मकान तक मलबा पहुंच गया है.

थल मुनस्यारी मोटर मार्ग में कई सड़क पर मलबा आने से यातायात बंद हो गया है. जौलजीवी–धारचूला मार्ग बंद हुआ है. आदि कैलाश मार्ग में मलबा आने से मार्ग बंद होने हो गया है. मार्ग खोलने के लिए जगह-जगह पर मशीनें लगी हुई हैं. सड़क बंद होने से जगह-जगह मार्ग में सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं.

आज से शुरू होना था आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण: बताते चलें कि आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण आज सोमवार 15 सितंबर से शुरू होना था. दो यात्री हल्द्वानी से पिथौरागढ़ के लिए रविवार को रवाना भी हुए थे. इन यात्रियों में दिल्ली निवासी दंपति 65 वर्षीय चंद्रनारायण अग्रवाल और उनकी पत्नी 63 वर्षीय ममता अग्रवाल शामिल हैं. इनके साथ दो यात्री पिथौरागढ़ से शामिल होने वाले थे. आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण 31 अक्टूबर तक चलना था.

आज मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं: उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है. कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में आदि कैलाश यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थलों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है. इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अब तक इनर लाइन परमिट जारी नहीं हुए हैं.

लगातार खराब मौसम और बार-बार मार्ग बंद होने की वजह से यह संभावना जताई जा रही है कि यात्रा सितंबर के अंत तक ही शुरू हो पाएगी. प्रशासन ने यात्रियों और टूर ऑपरेटरों से अपील की है कि आदि कैलाश यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और मार्ग की स्थिति की पूरी पुष्टि करें. साथ ही निर्देशों के बिना बुकिंग न करने की सलाह भी दी गई है.

पिथौरागढ़ में ये है बारिश का आंकड़ा: गौरतलब है कि उत्तराखंड राज्य में मानसून के दौरान अब तक सामान्य बारिश 1,090.3 एमएम के सापेक्ष 1,322.1 एमएम बारिश हुई है. यानी 21 फीसदी अधिक बारिश हुई है. पिथौरागढ़ जिले में 1,409.5 मिलीमीटर के सापेक्ष 1,358.1 एमएम बारिश हुई है यानी -4 फीसदी कम बारिश हुई है. लेकिन कुछ विशेष स्थानों पर ज्यादा बारिश होने के कारण आपदा जैसे हालात बन जा रहे हैं.

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