28 July 2026

भारत-चीन सीमा से सटे 11राजस्व गांव गैर आबाद, पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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भारत-चीन सीमा से सटे चमोली, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ जिले के 11 राजस्व गांव गैर आबाद हैं। ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। आयोग ने रिवर्स पलायन को बढ़ावा देकर इन गांवों को आबाद करने के लिए कई सुझाव दिए हैं। वहीं, वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत प्रदेश सरकार सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाएं, पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।हाल ही में पलायन आयोग ने चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी, चमोली जिले के जोशीमठ, पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला विकास खंड की 131 गांवों का सर्वे किया। जिसमें पाया गया कि वर्तमान में उत्तरकाशी के नेलांग व जादुंग राजस्व में गैर आबाद हैं। इसके अलावा चमोली जिले में गुमकाना, लुम, खिमलिंग, सांगरी ढकधोना गांव, पिथौरागढ़ में सुम्तू व पोटिंग गैर आबाद हैं।आयोग ने सीमावर्ती गांवों से पलायन पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार को रिवर्स पलायन के लिए 45 सुझाव दिए। आयोग का कहना है कि सीमावर्ती गांवों में रोजगार के लिए मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार दिया जाना चाहिए। इसके अलावा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत आसपास के गांवों को क्लस्टर के रूप में विकसित करने की जरूरत है।

सीमांत क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को आवास के लिए विशेष प्रावधान किया जाए। नेलांग व जादुंग के ग्रामीणों में अपने गांव जाने के लिए परमिट लेना पड़ता है। इसे व्यावहारिक किया जाए। साथ ही सीमावर्ती गांवों में सेब व अन्य बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। जिससे स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ सके।

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