5 August 2026

मैदानी जिलों में बनेंगे साइकिल ट्रैक, लेकिन परेड ग्राउंड में बने ट्रैक की स्थिति दयनीय!

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देहरादून: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव है. तनाव की वजह से दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो रही है. इस विकट स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपील की है कि ऊर्जा संसाधनों का सीमित इस्तेमाल किया जाए. ताकि देश की आर्थिकी को मजबूत किया जा सके. पीएम की अपील के बाद देशभर में इसका असर देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में ऊर्जा संसाधनों के सीमित इस्तेमाल को लेकर उत्तराखंड शासन ने एसओपी भी जारी कर दी है. वहीं अब प्रमुख सचिव ने सभी मैदानी जिलों में 10 से 15 किलोमीटर तक का साइकिल ट्रैक बनाने के निर्देश दिए हैं. लेकिन वर्तमान समय में परेड ग्राउंड में बने साइकिल ट्रैक की स्थिति दयनीय बनी हुई है. चलिए इस रिपोर्ट से विस्तार से समझते हैं.

ऊर्जा संसाधनों का सीमित इस्तेमाल न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर माना जा रहा है बल्कि वैज्ञानिक भी इस पहल को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर मान रहे हैं. पीएम मोदी की अपील के बाद धामी सरकार ने न सिर्फ सीएम और मंत्रियों के वाहन फ्लीट में कटौती कर दी है, बल्कि ऊर्जा संसाधनों की बचत को लेकर एसओपी भी जारी कर दी है. इसके अलावा, वर्क फ्रॉम होम और हफ्ते में एक दिन ‘No Vehicle Day’ को भी बढ़ावा दिया है. इसके साथ ही ईंधन की खपत को कम करने के लिए सभी विभागों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.

प्रमुख सचिव आर के सुधांशु की ओर से जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि मैदानी जिलों में साइकिल ट्रैक बनाया जाएं. सरकार के इस निर्णय के बाद ईटीवी भारत की टीम ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में बने साइकिल ट्रैक की स्थिति जानी. इस दौरान सामने आया कि परेड ग्राउंड में बने साइकिल ट्रैक की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है. इस 600 मीटर के साइकिल ट्रैक में करीब 22 स्थानों पर दरारें पड़ी हुई हैं. इस कारण यहां पर साइकिल चलाना आरामदायक नहीं, बल्कि एक समस्या बनी हुई है.

उत्तराखंड के मैदानी जिलों में मुख्य रूप से तीन जिले हरिद्वार, उधम सिंह नगर और कुछ हद तक देहरादून को गिना जाता है, जहां पर साइकिल ट्रैक बनाए जा सकते हैं. हालांकि, राजधानी देहरादून की बात करें तो यहां पर जनता के पैदल चलने के लिए स्थान नहीं है क्योंकि अधिकतर फुटपाथ पर लोगों ने कब्जा कर लिया है. ऐसे में एक बड़ा सवाल यही है कि आखिर किस स्थान पर साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा? जिसका जनता को फायदा मिल सके. या फिर इसी ट्रैक को मरम्मत के बाद तैयार किया जाएगा. फिलहाल, उत्तराखंड शासन ने इस पर निर्णय लिया है लेकिन ये ट्रैक कहां बनाया जाएगा? इस पर निर्णय होना बाकी है.

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