27 July 2026

स्टेडियम निर्माण का विरोध करने पर आंदोलनकारियों को भेजे नोटिस, लोगों ने जताया विरोध

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रुद्रप्रयाग: प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के विरोध में बीते 15 दिनों से चल रहा जन आंदोलन नववर्ष के दिन एक बार फिर तेज हो गया. अगस्त्यमुनि मैदान में पुलिस की मौजूदगी के बाद माहौल और भी गरमा गया. पुलिस की ओर से जारी नोटिस के चलते आंदोलनरत ग्रामीणों को नववर्ष के पहले दिन थाने जाना पड़ा और पुलिस को स्पष्टीकरण देना पड़ा.

बता दें कि पुलिस ने आंदोलन में शामिल दर्जनभर लोगों को अलग-अलग धाराओं में नोटिस जारी किए गए हैं. इन्हीं नोटिसों को लेकर पुलिस के बुलाने पर सभी आंदोलनकारियों को साल के पहले दिन थाने में मौजूद होना पड़ा. एक ओर जहां नववर्ष पर अगस्त्यमुनि मैदान में सफाई अभियान आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम निर्माण के विरोध में आंदोलनकारी थाने पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराते नजर आए. आंदोलनकारी त्रिभुवन चौहान ने कहा कि सरकार की यह कार्रवाई निंदनीय है और आंदोलन को दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि खेल विभाग के अधिकारियों के इशारे पर आंदोलनरत आमजनों को डराने और दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है. अन्य आंदोलनकारियों ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहते हुए ऐसे कार्यों की अनुमति देते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए. आंदोलनकारियों ने केदारनाथ विधायक, जिला प्रशासन और भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

पुलिस द्वारा लोक सेवा के तहत सरकारी कार्य को प्रभावित करने के आरोप में बीएनएस की धारा 132/115/221/351 में त्रिभुवन चौहान, राजेश बेंजवाल, शेखर नौटियाल, योगेश बेंजवाल, अनिल बेंजवाल, विपिन रावत, दीपक बेंजवाल, भूपेंद्र बेंजवाल, उमा कैंतुरा, दीपा आर्य, रमेश आर्य, केशव अग्रवाल के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. फिलहाल क्षेत्र में माहौल गरमाया है. जबकि आंदोलनकारियों ने स्टेडियम निर्माण के विरोध में आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

ग्रामीणों ने कहा कि अगस्त्यमुनि मैदान मुनि महाराज और अगस्त्य ऋषि से जुड़ा पवित्र, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है, जहां वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान, मेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होता रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जनसहमति के इस ऐतिहासिक मैदान पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसे लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर पूर्ण रोक की लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस मैदान मे स्टेडियम निर्माण से यहां युवाओं व स्थानीय लोगों को कोई फायदा नहीं मिलेगा. जबकि बाहरी लोगों का कब्जा जरूर हो जाएगा. ऐसे में लगातार अगस्त्यमुनि मैदान में स्टेडियम निर्माण का विरोध किया जा रहा है. अगर सरकार और जिला प्रशासन ने जबरन स्टेडियम निर्माण करवाया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

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