27 July 2026

11 करोड़ से जल्द बनेगा रानीबाग बाईपास, सैलानियों को जाम के झाम से मिलेगी निजात

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हल्द्वानी: सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही काठगोदाम से भीमताल तक लगने वाले जाम से पर्यटकों को निजात मिल सकेगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा में शामिल रानीबाग बाईपास निर्माण का खाका प्रशासन द्वारा तैयार कर लिया गया है. 3.5 किलोमीटर बाईपास का निर्माण लगभग 11 करोड़ से किया जाएगा.जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया कि बाईपास बनने से कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं व सैलानियों को जाम के झाम से निजात मिलेगी.

कैंची धाम और भीमताल को जाने आने वाले पर्यटकों को आने वाले समय में जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद रानीबाग बाईपास निर्माण कार्य की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है. पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बड़ रहे यातायात दबाव को कम करने और स्थानीय और किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन ने नई कवायद शुरू कर दी है. बॉटल नेक ( सकरी सड़कें) हमेशा जाम का कारण रही हैं, काठगोदाम-रानीबाग में सकरी सड़क के चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नैनीताल भीमताल तिराहे से काठगोदाम तक जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है.

इस समस्या को देखते हुए काठगोदाम पुल से लेकर गौला नदी के किनारे पहाड़ों की कटिंग कर करीब 3.5 किलोमीटर का बाईपास लगभग 11 करोड़ की लागत से बनाया जाना है, जिसकी कवायद तेज हो गई है. इस बाईपास को नवंबर माह में सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है. स्टीमेट और अन्य डिमांड शासन को भेजी जा चुकी हैं, इस पूरी प्रक्रिया में यूटिलिटी शिफ्टिंग भी होनी हैं. जिसके लिए 3 करोड़ का बजट भी शामिल है.

गौरतलब है कि काठगोदाम से लेकर भीमताल कट तक लोगों को आए दिन जाम का सामना करना पड़ता है. जिस कारण पर्यटकों के साथ साथ स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इतना ही जाम के कारण पहाड़ी जनपदों से आने वाले खाद्य पदार्थ मंडी में समय से नहीं पहुंच पाते है. जिस कारण किसानों को पैदावार का उचित दाम नहीं मिल पाता.

जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया कि बाईपास के निर्माण हो जाने से सबसे ज्यादा फायदा काठगोदाम से कैंची धाम जाने और आने वाले यात्रियों के साथ पहाड़ को जाने वाले टूरिस्ट और यात्रियों को फायदा मिलेगा. फिलहाल शासन से आगे की प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है. नवम्बर माह में इस बाईपास की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी.

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