27 July 2026

बढ़ सकती है मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल की मुश्किल, सीएम तक पहुंची शिकायत, हो सकती है कार्रवाई!

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के द्वारा दिए गए बिहार की महिलाओं पर बयान से उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है. एक के बाद एक उत्तराखंड के मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं. बिहार की महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर भले ही गिरधारी लाल साहू ने माफी मांग ली हो, लेकिन अब बिहार सरकार इस मामले पर गंभीर हो गई है. शायद यही कारण है कि बिहार महिला आयोग ने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिख दिया है.

गिरधारी लाल साहू ने कराई किरकिरी: दरअसल, 23 दिसंबर को अल्मोड़ा में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के द्वारा दिए गए बयानों की गूंज देहरादून से दिल्ली और बिहार तक सुनाई दे रही है. समाज में कोई भी उनके इस बयान को सही नहीं ठहरा रहा है. इतना ही नहीं, जिस किसी ने भी इस बयान को सुना है फिर चाहे वह बीजेपी का ही कार्यकर्ता हो या आम जनमानस, सभी ने बयान की न केवल निंदा की है, बल्कि गिरधारी लाल साहू के ऊपर कार्रवाई की मांग भी की है.

हालांकि, अपने बयान के बाद दोबारा से एक वीडियो जारी करते हुए गिरधारी लाल साहू ने पहले तो इसे तोड़ मरोड़कर कर पेश किया हुआ बयान बताया. साथ ही बयान को लेकर माफी भी मांगी. उनका कहना है कि उनके कहने का मतलब यह नहीं था, जो लोग समझ रहे हैं.

कांग्रेस हुई आक्रामक: गिरधारी लाल साहू के बयान के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने शुक्रवार को मंत्री रेखा आर्या के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था. हालांकि, इस दौरान न तो रेखा आर्या और न ही उनके पति उत्तराखंड में मौजूद थे. वहीं अभी तक मंत्री रेखा आर्या की तरफ से इस मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है. कांग्रेस के विरोध के बाद और राष्ट्रीय स्तर पर इस खबर के फैल जाने के बाद बिहार महिला आयोग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है.

बिहार महिला आयोग से आया पत्र: बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा के द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि यह बेहद निंदनीय है कि उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति के द्वारा बिहार की महिलाओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया गया है. पत्र में आगे यह भी कहा गया है कि इस बयान से बिहार की महिलाओं को गहरा आघात पहुंचा है. लिहाजा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में जल्द से जल्द संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें.

क्या कहती है बीजेपी: इस मामले में स्पष्ट हुआ है कि कार्यक्रम भाजपा का ही था. साथ ही साहू द्वारा बयान पर सफाई देने वाला वीडियो भी वो भाजपा के कार्यक्रम में गए होने की बात कर रहे हैं. लेकिन भाजपा का साफ कहना है कि पार्टी से उनका कोई लेना देना नहीं है. प्रदेश प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान के द्वारा दिए गए बयान में कहा है कि वो भाजपा में नहीं हैं. ऐसा व्यक्ति जो इस तरह के बयान दें, हम उसकी निंदा करते हैं. चौहान की मानें तो संविधान में इस तरह के लोगों के लिए जो भी प्रावधान हैं, उस हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना है कि बिहार से भी एक पत्र सीएम को लिखा गया है और आगे हो सकता है कि जल्द उस पर कोई निर्णय हो.

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