93 साल के हुए फेमस इंग्लिश राइटर रस्किन बॉन्ड, देहरादून में सादगी से मनाया जा रहा जन्मदिन

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी को अपनी कहानियों, संस्मरणों और लेखनी से विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने वाले मशहूर अंग्रेजी लेखक पद्मश्री एवं पद्म भूषण सम्मानित रस्किन बॉन्ड, मगंलवार 19 मई को 93 वर्ष के हो गए. इस बार उनका जन्मदिन बेहद सादगी के साथ देहरादून स्थित आवास पर परिवार के बीच मनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पिछले दिनों स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतों के कारण चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें मसूरी से देहरादून शिफ्ट किया गया है. हालांकि परिवार के अनुसार उनका स्वास्थ्य अब स्थिर है और वह पूरी तरह चिकित्सकीय निगरानी में हैं.
रस्किन बॉन्ड का मसूरी से गहरा आत्मीय रिश्ता रहा है. उन्होंने अपनी कई प्रसिद्ध कहानियों और पुस्तकों में मसूरी की वादियों, पहाड़ों, बारिश, जंगलों और यहां के जीवन को बेहद खूबसूरती से उकेरा है. उनकी रचनाओं ने देश-विदेश के पाठकों को मसूरी की ओर आकर्षित किया. मॉल रोड स्थित एक प्रसिद्ध पुस्तक दुकान पर हर वर्ष उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होता रहा है, जहां रस्किन बॉन्ड अपने प्रशंसकों से मुलाकात करते थे. इस दौरान वह अपनी नई पुस्तकों पर हस्ताक्षर कर पाठकों को भेंट करते थे. उनके दीदार के लिए देशभर से लोग मसूरी पहुंचते थे और हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ती थी. इस बार उनके मसूरी नहीं पहुंच पाने से प्रशंसकों में हल्की मायूसी जरूर है, लेकिन लोग उनके स्वस्थ जीवन की कामना कर रहे हैं. कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया और संदेशों के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.
रस्किन बॉन्ड केवल एक लेखक नहीं बल्कि मसूरी की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं. उनकी लेखनी ने मसूरी को साहित्य प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया है. आज भी उनकी कहानियों में मसूरी की खुशबू, पहाड़ों की नमी और पुराने समय की आत्मीयता महसूस की जा सकती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि, रस्किन बॉन्ड का नाम सुनते ही मसूरी की याद स्वतः ताजा हो जाती है. साहित्य जगत में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है.
