गैस रेगुलेटर को लेकर खूनी संघर्ष, दुकानदार दंपति समेत कई लोगों पर जानलेवा हमले, केस दर्ज
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रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में गैस रेगुलेटर की शिकायत को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पहुंचे दो भाइयों पर दुकानदार, उसकी पत्नी और अन्य लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया. मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
शक्ति विहार निवासी मुक्तेश्वर यादव ने ट्रांजिट कैंप थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनके पुत्र मयंक यादव ने 19 जून 2026 को ज्वालापुर वार्ड नंबर-6 स्थित शेखर चौहान की गैस दुकान से सिलेंडर का रेगुलेटर खरीदा था. आरोप है कि रेगुलेटर शुरू से ही ठीक तरह से काम नहीं कर रहा था. कई दिन तक परेशानी झेलने के बाद 28 जुलाई को मयंक यादव अपने भाई रोहित यादव के साथ रेगुलेटर की शिकायत करने और उसे बदलवाने के लिए दुकान पर पहुंचे.
तहरीर के अनुसार, रेगुलेटर बदलने की बात को लेकर दुकानदार शेखर चौहान और उसकी पत्नी वर्षा चौहान से कहासुनी शुरू हो गई. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने फोन कर दो-तीन अन्य युवकों को भी मौके पर बुला लिया. इसके बाद सभी ने मिलकर दोनों भाइयों के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की. विरोध करने पर लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी.
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट के दौरान शेखर चौहान ने रोहित यादव के सिर पर दुकान में रखा गैस चूल्हा मार दिया. जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा. जब मयंक यादव ने अपने भाई को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसे पकड़ लिया. एक युवक ने दुकान में रखा लोहे का तवा उसके सिर पर दे मारा. इस हमले में मयंक के सिर पर गंभीर चोट आई. उपचार के दौरान उसे आठ टांके लगाने पड़े.
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी. पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है. मामले को लेकर एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है. घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे.
