टिहरी झील में 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण सम्पन्न, 20 युवाओं ने लिया भाग, देशभर में होगी मान्यता
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टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हो गया है. उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 20 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया. प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणित लाइसेंस भी प्रदान किया जाएगा, जिसकी मान्यता भारत के साथ-साथ मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी होगी.
टिहरी झील में 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण सम्पन्न: टिहरी झील में 5 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक चले 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बुधवार को हुआ. प्रशिक्षण का आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा के सहयोग से किया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जल क्रीड़ा से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम को तीन चरणों में पूरा किया गया. पहले पांच दिनों में प्रशिक्षुओं को जीवन रक्षक और लाइफ सेविंग तकनीकों की जानकारी दी गई. अगले पांच दिनों में पावर बोट हैंडलिंग और टिलर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया, जबकि अंतिम पांच दिनों में वाटर स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया गया.
20 युवाओं ने लिया प्रशिक्षण: इस प्रशिक्षण में उत्तराखंड के सभी जनपदों से चयनित कुल 20 युवाओं ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण के समापन अवसर पर राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा से प्रतिनियुक्त प्रशिक्षक प्रवीण सिंह रावत और विराज शिंदे मौजूद रहे. वहीं परिषद के जल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेंद्र सिंह, ऑफिसर कमांडिंग विपिन मिश्रा, डिप्टी कमांडेंट आशुतोष बिष्ट और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया
उत्तराखंड में क्रीड़ा पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल: प्रशिक्षणों के जरिए स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ राज्य में साहसिक और जल क्रीड़ा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा की ओर से प्रमाणित लाइसेंस प्रदान किया जाएगा.
राज्य के युवाओं को मिलेगा रोजगार: टिहरी झील में लगातार बढ़ती जल क्रीड़ा गतिविधियों के बीच यह प्रशिक्षण स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है. पर्यटन विभाग का लक्ष्य टिहरी झील समेत उत्तराखंड के जल स्रोतों को विश्वस्तरीय साहसिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है.
