11 August 2026

चमोली तमकनाला फ्लैश फ्लड: सीएम धामी ने गढ़वाल कमिश्नर से की बात, ग्राउंड पर उतरने के निर्देश

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देहरादून: चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इसी क्रम में सीएम ने मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली को लेकर तमाम जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

सीएम ने कहा प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए. आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए. सीएम ने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति एवं नुकसान का स्वयं आकलन करने को कहा. जिससे राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कामों में किसी प्रकार की देरी न हो.

बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए सीएम ने निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी की जाये. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से भी चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 नजर रखी जा रही है. जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है. जिससे किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा सके.

दरअसल, सोमवार को चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने के चलते 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा की ओर से निर्मित बेली ब्रिज बह गया था. तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बह गया था. घटना की सूचना मिलते ही सीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत एवं बचाव कामों में जुटी हैं.

सीएम धामी ने कहा प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से उनके प्रभाव को कम जरूर किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों में हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की पहली प्राथमिकता है.

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