हरक सिंह रावत ने इस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की जताई इच्छा, बताई ये वजह
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देहरादून: कांग्रेस के भीतर हरक सिंह का बेबाक रवैया फिर चर्चाओं में हैं. इस बार पूर्व मंत्री और सीनियर लीडर हरक सिंह ने अपनी सीट चयन को लेकर बयान दिया है. हरक सिंह रावत ने विधानसभा सीट के लिए ना केवल अपनी इच्छा जाहिर कर दी है. बल्कि इसे चुनने के पीछे की वजह भी बता दी है.
राजनीतिक दलों के भीतर हर सीट में कई दावेदार होते हैं और यही वजह है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी चुना पार्टी के लिए काफी मुश्किल होता है. लेकिन जब सीनियर लीडर दूसरी सीट पर दावा करने लगे तो दिक्कतें और भी ज्यादा बढ़ जाती है. इस बार पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी सीट को लेकर कुछ ऐसा ही बयान दिया है, जो भविष्य में बड़े द्वंद्व की वजह बन सकता है.
वैसे तो हरक सिंह रावत राज्य में कई सीटों अपनी पैठ होने की बात करते रहे हैं और विभिन्न विधानसभा चुनाव में अलग-अलग सीटों पर चुनाव भी लड़ चुके हैं. लेकिन अब तक हर बार उन्होंने पर्वतीय जनपद की सीटों पर ही भाग्य आजमाया है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं है हरक सिंह चाहते हैं कि इस बार वह मैदानी जनपद की मैदानी सीट पर ही चुनाव लड़े, ताकि चुनाव में जीत के लिए उन्हें ज्यादा मेहनत ना करनी पड़े.
हालांकि इसके बावजूद इस सीट पर लगातार भाजपा प्रत्याशी सहदेव पुंडीर जीतते आ रहे हैं. हरक सिंह रावत से जब ईटीवी भारत में सवाल पूछा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए किस सीट से भाग्य आजमाना चाहते हैं तो उन्होंने साफ तौर पर मैदानी सीट चुनने की बात कहीं.
हरक सिंह रावत केवल मैदानी सीट चुनने की बात ही नहीं कहते, बल्कि वह बताते हैं कि वह ऐसा क्यों चाहते हैं और इससे पार्टी को क्या लाभ होगा. हरक सिंह रावत का कहना है कि मैदानी सीट को चुनने के पीछे उनका मकसद प्रदेश की बाकी विधानसभा सीटों पर लड़ने वाले प्रत्याशियों को सहयोग देना है.
हरक सिंह रावत ने कहा कि यदि वह मैदानी सीट से लड़ते हैं तो उनका फायदा पार्टी बाकी सीटों पर भी ले सकती है और वह बाकी विधानसभा सीटों पर प्रचार प्रसार के लिए ज्यादा समय दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह राज्य में कई सीटों पर प्रभाव रखते हैं और मैदानी सीट पर टिकट मिलने की स्थिति में वह पर्वतीय जनपदों में लड़ने वाले प्रत्याशियों के समर्थन में अपनी रैलियां और कार्यक्रम कर सकते हैं.
