18 August 2026

रुद्रप्रयाग बसुकेदार आपदा: पीड़ितों का दर्द देख भर आई विधायक की आंखें, ग्रामीणों ने बारिश में सड़क पर काटी रात

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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे बादल फटने से इलाके में भारी तबाही हुई है. पहाड़ों से आए सैलाब के रास्ते में जो भी आया, वो बह गया. छेनागाड़ का सैलाब भी अपने पीछे धराली और थराली की तरह बर्बादी के निशान छोड़ गया. ईटीवी भारत ने कुछ आपदा पीड़ितों से बात की, जिन्होंने इस आपदा में अपना सब कुछ गंवा दिया. इस दौरान पीड़ितों का दर्द सुनकर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल की आंखें भी भर आईं.

घर के ऊपर से ही फ्लड आया था: छेनागाड़ में बादल फटने का असर ताल जामन, बडेथ और डूंगर गांव में देखने को मिला. बडेथ ग्राम सभा तालयावन के रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उनके घर के ऊपर से ही फ्लड आया था. इस फ्लड में घर का एक हिस्सा बह गया. घर का बाकी हिस्सा भी अब गिरने वाला है. फिलहाल इस व्यक्ति ने भाई के घर आसरा लिया है, लेकिन वो भी गिरने की स्थिति में ही है. गांव के दूसरे हिस्से में काफी मकान बर्बाद हुए हैं.

सैलाब में हिल गया था मकान: एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पहाड़ी से पानी के सैलाब के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी आया. बड़े-बड़े पत्थरों के टकराने से उनका मकान भी हिल गए हैं. अपनी जान बचाने के लिए सभी लोग घर से बाहर भागे, लेकिन घरों के दोनों तरफ पानी का ऐसा सैलाब आया हुआ था कि उन्हें कहीं जाने के रास्ता भी नहीं मिल पा रहा था.

सड़कों पर काटी रात: ग्रामीण का कहना है कि ऐसे परिस्थिति में वो पूरी तरह से हताश हो गए थे. जैसे-कैसे सभी लोग गांव की मुख्य रोड पर पहुंचे और वहीं पर खुले आसमान के नीचे उन्होंने अपनी रात काटी.

वहीं एक अन्य आपदा पीड़ित संदीप ने बताया कि कल रात से वो बहुत ज्यादा परेशान है. संदीप की मानें तो तड़के करीब तीन बजे आपदा आई थी. जब संदीप को कोई रास्ता नहीं दिखा तो वो अपने छोटे-छोटे बच्चों को कंधों पर लेकर सड़क पर आए और वहीं पर रात काटी.

भावुक हुईं विधायक: पीड़ितों का हाल जानने केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल भी आपदाग्रस्त इलाके में पहुंचीं. आपदा प्रभावितों से बात कर, और उनका दर्द और हालात देखकर शैलारानी रावत भावुक हो गईं. आपदा पीड़ितों से बात करते हुए विधायक आशा नौटियाल की आंखें भर आईं.

डीएम और एसएसपी बड़ी मुश्किल से पहुंचे: वहीं इस सैलाब में गांव तक पहुंचने वाली सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है इसलिए रेस्क्यू टीम पैदल ही आपदाग्रस्त इलाके में पहुंची. शाम तक ही रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन व पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रह्लाद कोंडे तहसील बसुकेदार के दूरस्थ क्षेत्र ग्राम ताल जामण पहुंच सके.

दोनों अधिकारियों ने बड़ेथ और डुंगर से पैदल चलकर क्षतिग्रस्त हो चुके मार्ग को पार करते हुए ताल जामण पहुंचकर बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर हुए नुकसान का जायजा लिया. साथ ही स्थानीय निवासियों से देर रात में उपजे हालात की जानकारी ली गयी है.

अधिकारियों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय ताल जामण पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की. उनको बताया गया कि इन विषम परिस्थितियों में प्रशासन उनके साथ है. प्रशासन के स्तर से आवश्यक मदद की जा रही है. जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने संबंधित अधिकारियों को सड़क व पैदल मार्ग को दुरुस्त किए जाने सहित तात्कालिक तौर पर जरूरी खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक सामान ग्रामीणों तक भिजवाए जाने के निर्देश दिए हैं.

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