उत्तराखंड में स्टाइपेंड बढ़ते ही एमबीबीएस इंटर्न का धरना खत्म, पीजी जेआर का कार्य बहिष्कार जारी
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देहरादून: धामी सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया है. कैबिनेट के इस फैसले पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न ने खुशी जताई है. इसके साथ ही उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया है, लेकिन पीजी जूनियर रेजिडेंट ने स्टाइपेंड नहीं बढ़ने पर पूर्व की भांति कार्य बहिष्कार किए जाने का निर्णय लिया है.
पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जारी: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉ. अभिजीत राठी, डॉ. नीरज यादव, डॉक्टर अनूठी और डॉक्टर रक्स नंदा ने स्टाइपेंड नहीं बढ़ने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि 10 सालों से उनके स्टाइपेंड में इंक्रीमेंट नहीं हुआ है. यह उनके साथ नाइंसाफी है.
उन्होंने कहा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार लगातार जारी रहेगा. हालांकि, मानवीय संवेदनाओं और मरीजों के हितों को देखते हुए इमरजेंसी और आईसीयू सेवाएं पहले की तरह संचालित रहेंगी. उन्होंने बताया यदि जल्दी ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तो आंदोलन को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है.
एमबीबीएस इंटर्न की मांग हुई पूरी: बीते सोमवार से धरना प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार पर डटे एमबीबीएस इंटर्न की मांग पूरी होने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया है. इंटर्न डॉ. कुणाल, डॉ. ग्रवित, डॉक्टर भूमि, डॉक्टर श्रुति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है. हालांकि, उनका कहना है कि 30 हजार रुपए के मुकाबले 25 हजार रुपए स्टाइपेंड देने की बात कही गई है.
उन्होंने कहा कि उनकी 30 हजार रुपए की मांग थी. सरकार ने 25 हजार रुपए स्टाइपेंड दिए जाने का फैसला किया है. उन्होंने सरकार के इस निर्णय पर संतोष जताया है. उन्होंने बताया कि आज करीब तीन बजे उन्हें इस खुशखबरी की सूचना मिली, तभी उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया.
बता दें कि उत्तराखंड में 5 राजकीय मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं. जिनमें श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. जहां एमबीबीएस और पीजी के पाठ्यक्रम चल रहे हैं. इन सभी कॉलेजों में करीब 600 एमबीबीएस इंटर्न के साथ पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स तैनात हैं.
अभी तक एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर्स को 17 हजार रुपए का स्टाइपेंड मिल रहा था. जिसे इंटर्न नाकाफी बता रहे थे. उनकी मांग थी कि स्टाइपेंड को 17 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह किया जाए. जिसे लेकर बीते 7 सितंबर से धरना प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार भी शुरू किया था.
25 हजार रुपए हुआ एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर्स का स्टाइपेंड: ऐसे में मामला बढ़ता देख धामी सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ा और अहम फैसला लिया. जिसके तहत कैबिनेट ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर के स्टाइपेंड को 17 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मंजूरी दे दी है.
