16 September 2026

पिथौरागढ़: बेटी के नामकरण संस्कार की खुशियां मातम में बदली, शटडाउन लेकर पोल पर चढ़े लाइनमैन की करंट लगने से मौत

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के आंवला घाट इलाके से बड़ी खबर सामने आई है. यहां शटडाउन लेकर पोल पर चढ़े लाइन मौन की करंट लगने से मौत हो गई. लाइन मैन की मौत से स्थानीय लोगों में ऊर्जा निगम के प्रति भारी आक्रोश है. बताया जा रहा कि जिस लाइन मैन की मौत हुई है, वो हाल ही में पिता बना है. बेटी के नामकरण संस्कार के बाद ही मनोज काम पर गए थे, तभी उनके साथ ये हादसा हो गया. इस घटना ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया.

जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ से करीब 25 किमी दूर गोरंगघाटी क्षेत्र में बकसील गांव है. मनोज कुमार पुत्र नारायण राम इसी गांव के रहने वाले है. मनोज कुमार बकसील गांव और आसपास के क्षेत्रों में लाइन मैन का काम करते थे. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक आंवलाघाट पंपिग योजना की बिजली सप्लाई में खामी आई हुई थी. इसी वजह से मंगलवार सुबह करीब दस बजे मनोज लाइन की खराबी ठीक करने के लिए विधिवत शटडाउन लेकर खंभे पर चढ़ा, तभी ये हादसा हो गया.

शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ा था मनोज राम: कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया शव को नीचे उतारकर पीएम (पोस्टमार्टम) कराकर परिजनों को सौंप दिया है. उनके अनुसार पिथौरागढ़ की आंवलाघाट पंपिंग योजना में बिजली की खराबी के कारण पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित थी. इसे ठीक करने की जिम्मेदारी 36 वर्षीय लाइन मैन मनोज कुमार पर थी.

बताया जा रहा है कि विधिवत शटडाउन (बिजली सप्लाई बंद) लेने के बाद मनोज खराबी ठीक करने के लिए 11 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ा था, लेकिन तभी अचानक से लाइन में करंट दौड़ गया और मौके पर ही मनोज की मौत हो गई.

खुशियां मातम में बदली: बताया जा रहा है कि मृतक मनोज की तीन बेटियां हैं. उसकी सबसे छोटी बेटी का मंगलवार को ही नामकरण संस्कार हुआ था. नामकरण की रस्म पूरी होने के तुरंत बाद मनोज काम पर निकला था, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत की खबर घर पहुंची. मनोज परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था.

सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे. जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया. यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता डीके बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. इधर जिले में पिछले एक दशक में विभिन्न क्षेत्रों में कंरट लगने से 10 लाइन मैंनो की मौत हो गई है.

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