27 July 2026

चंपावत: 1882 पेड़ों पर चलेगी आरी, मुड़ियानी से तिलोंन तक 9.87 किमी लंबे बाईपास का होना है निर्माण

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चंपावत: हिमालयी प्रदेश उत्तराखंड में विकास की कीमत कहीं ना कहीं पर्यावरणीय तंत्र को चुकानी पड़ती है. उत्तरकाशी में जहां देवदार के हजारों पेड़ काटने का मामला इन दिनों सुर्खियों में है, तो वहीं अब चंपावत में भी विकास के नाम पर 1882 पेड़ों की बलि देने की बात सामने आ रही है.

चंपावत में 9.87 किमी लंबे बाईपास का होना है निर्माण: चंपावत बाईपास के निर्माण के लिए 1882 पेड़ों को काटा जाना है, जिसकी सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई हैं. काली कुमाऊं के रूप में प्रसिद्ध चंपावत जिला मुख्यालय को जाम से मुक्त करने के लिए करीब 9.87 किमी लंबे बाईपास के निर्माण होना है, जिसके निर्माण की लागत करीब 220.80 करोड़ रुपए आएगी. इसी बाईपास के लिए ये पेड़ काटने जाने हैं.

जल्द ही शुरू होगा पेड़ों का कटान:अधिशासी अभियंता दीपक जोशी ने बताया कि बाईपास मुड़ियानी से शुरू हो कर चंपावत इलाके के चैकुनीबोरा, चैकुनी पांडेय, कफलांग, शक्तिपुरबुंगा, दुधपोखरा, नगरगांव होकर तिलौन इलाके तक बनाया जाना प्रस्तावित है. बाईपास निर्माण के लिए जल्द पेड़ों का कटान शुरू होने जा रहा है. छपान (जिन्हें काटने की अनुमति मिल चुकी) किए गए 1882 पेड़ों का जल्द वन निगम कटान शुरू करेगा.

चंपावत शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति: कहा जा रहा है कि चंपावत जिला मुख्यालय पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है. इससे शहर में जाम की स्थिति बन रही है. इस बाईपास के बनने से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा. लेकिन उसके लिए करीब 1882 पेड़ों को बली देनी पड़ेगी. फिलहाल प्रस्तावित बाईपास निर्माण की सभी तैयारी अपने अंतिम चरण में है.

1882 पेड़ों पर चलेगी आरी: बाईपास चंपावत के मुड़ियानी से तिलोंन तक बनाए जाना है. 9.87 किमी लंबे चंपावत बाइपास के लिए देवदार, बांज और चीड़ समेत अन्य प्रजातियों के करीब 1882 पेड़ों को काटा जाएगा. बताया जा रहा है कि वन विभाग ने इन पेड़ों का चिह्नीकरण भी कर लिया है. चंपावत में 220.80 करोड़ की लागत से करीब 9.87 किमी लंबे बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है. बाईपास निर्माण में 8.94 हेक्टेयर वन भूमि और 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि आ रही है. बाइपास निर्माण के प्रभावितों को मुआवजा देना पूर्व में शुरू कर दिया गया है. बाईपास निर्माण हेतु ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार गुना और शहरी क्षेत्र में सर्किल रेट के दोगुने के आधार पर ग्रामीणों को मुआवजा दिया जा रहा है. चंपावत बाइपास का निर्माण टनकपुर रोड में मुड़ियानी के पास से होगा.

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