चमोली जोशीमठ हेलीकॉप्टर क्रैश: रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, अलर्ट पर अस्पताल, जानिए क्या हैं तैयारियां
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देहरादून: के बाद जिला प्रशासन के साथ ही राज्य सरकार भी एक्शन में आ गई है. सीएम धामी ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है. सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं. घटनास्थल पर पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश के लिए जमीनी एवं हवाई स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है.
वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी घटना की जानकारी ली है. उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग एवं बचाव एजेंसियों को पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा यात्रियों की सुरक्षा एवं उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. शासन एवं प्रशासन स्तर पर अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है. शुक्रवार को 02.00 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली द्वारा सूचना दी गई कि ट्रांस भारत कंपनी का एक सिविल हेलीकॉप्टर, जिसमें 5 यात्री तथा 1 पायलट सवार थे, बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था. सेना की सिग्नल सेंटर टीम द्वारा उक्त क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठता हुआ तथा उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा गया.सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन चमोली द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ),, स्थानीय पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया. इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित एजेंसियों एवं चिकित्सा संस्थानों, जिनमें बेस अस्पताल श्रीनगर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश तथा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही उपाध्यक्ष, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी), देहरादून पहुंचे. उन्होंने वहां पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली. विभिन्न एजेंसियों के बीच संचालित समन्वय एवं राहत-बचाव अभियान की निगरानी की. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से जिला प्रशासन चमोली, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं अन्य संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है.
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया घटना की सूचना प्राप्त होते ही राज्य एवं जिला स्तर पर सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर दिया गया है. घटनास्थल की स्थिति का पता लगाने तथा वहां तक पहुंचने के लिए जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के एक रेकी हेलीकॉप्टर तथा एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल की हवाई रेकी की जा रही है.
इसके अतिरिक्त सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई है. सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल की ओर भेजी गई हैं. सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान में जुटी हैं.उन्होंने बताया कि किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर तथा संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
