26 July 2026

चारधाम यात्रा 2026: जहां कभी दिखती थी रौनक, वहां छाई वीरानी, बिखरा है मलबा, आपदा के जख्म अभी भी हरे

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उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा शुरू होते ही हर्षिल घाटी में यात्रियों की सबसे अधिक चहल पहल धराली बाजार में देखने को मिलती थी. लेकिन बीते साल 2025 में अगस्त माह में आई आपदा के कारण इस साल धराली में चारों ओर वीरानी है तो मलबा ही मलबा देखने को मिल रहा है.

वहीं, अब धराली के होटल व्यावसायियों और व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी के साथ यह सवाल भी देखने को मिला कि आखिर धराली में कब दोबारा रौनक देखने को मिलेगी. यहां हर साल गंगोत्री धाम के कपाट खुलने पर हजारों की संख्या में तीर्थ यात्री रुकते थे, जो अब वीरान दिख रहा है.

पांच अगस्त 2025 में खीर गंगा में पानी का ऐसा सैलाब आया था, जिसने हर्षिल घाटी के धराली बाजार बर्बाद कर दिया था. पूरा बाजार आज भी मबले के ढेर के नीचे दफन है. इस हादसे में कई लोग जिंदा मबले के नीचे ही दफन हो गए थे, जिन्हें आज तक नहीं निकाला जा सका.

बीते साल आई आपदा के निशाना अभी भी धराली बाजार में साफ दिखाए देते हैं. गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद यहां हमेशा रौनक दिखती थी, लेकिन आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है. जब मां गंगा की डोली मुखबा गांव से रवाना होती थी, तब इस स्थान पर प्रशासन सहित तीर्थ यात्री विश्राम के लिए रुकते थे, लेकिन इस बार आपदा के कारण मलबे में तब्दील हुए धराली बाजार में केवल मलबा ही मलबा दिख रहा है.

धराली गांव के संजय पंवार और मंजुल पंवार आदि ने बताया कि धराली बाजार गंगोत्री धाम का मुख्य पड़ाव होता था. चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद हर साल ये इलाका पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों से गुलजार रहता था. लेकिन आपदा के बाद धराली बाजार मलबे में तब्दील हो गया, जहां आज सूना सूना लग रहा है. अब पर्यटक या तीर्थ यात्री केवल मलबे की फोटो खींच कर अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं. उन्होंने सरकार को सुरक्षात्मक कार्य करने के बाद धराली को दोबारा बसाने की मांग की. ताकि धराली में एक बार पर्यटकों से गुलजार हो.

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