दीपावली पर स्वरोजगार की रोशनी बिखेर रही बीना, स्थानीय उत्पादों को दे रही बढ़ावा
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रुद्रप्रयाग: दीपावली के पर्व पर रुद्रप्रयाग जनपद की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं. महिलाएं पारंपरिक मिट्टी के दीये और आकर्षक कैंडल तैयार कर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. उनकी यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने का माध्यम बन रही है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों के बीच जनपद की महिलाएं अपने कौशल को आजीविका का आधार बना रही हैं. इसी क्रम में ग्राम दानकोट की बीना देवी समेत साईं बाबा स्वयं सहायता समूह, जय अगस्त्यऋषि स्वयं सहायता समूह, स्यूर से जुड़ी महिलाएं मिट्टी के दीये और आकर्षक कैंडल बनाने में जुटी हैं. दीपावली के मद्देनजर तैयार किए जा रहे इन उत्पादों के माध्यम से महिलाएं अपनी रचनात्मकता और मेहनत को रोजगार के अवसरों में बदल रही हैं.
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को पहचान दिलाना है. समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर के दम पर परिवार की आय में योगदान देने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं.
पारंपरिक मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति और दीपावली की परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं. इनके निर्माण और उपयोग को बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारीगरी को संरक्षण मिलता है. वहीं, आकर्षक कैंडल जैसे उत्पादों के निर्माण से महिलाओं को अपनी रचनात्मकता के अनुरूप नए अवसर तलाशने का मौका मिल रहा है. स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार होने से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और स्थानीय आजीविका को मजबूत करने का संदेश भी प्रसारित हो रहा है.
दीपावली के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की यह पहल केवल अतिरिक्त आय अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है. महिलाओं की मेहनत से तैयार मिट्टी के दीये और कैंडल त्योहार को रोशन करने के साथ उनके सपनों को भी नई उड़ान दे रहे हैं.
