27 July 2026

देहरादून के ठेकेदार को FB पर युवती से दोस्ती पड़ी भारी, निवेश का झांसा देकर सवा करोड़ रुपए उड़ाए

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देहरादून: उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. साइबर पुलिस के लाख समझाने के बावजूद लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा दे रहे हैं. ऐसा ही एक मामला देहरादून के डोईवाला से सामने आया है. यहां एक व्यक्ति एक ठग युवती के झांसे में आकर करीब सवा करोड़ रुपए गंवा बैठा है. अब ये शख्स पुलिस से पैसे वापस दिलाने की गुहार लगा रहा है.

फेसबुक पर युवती के जाल में फंसा ठेकेदार: साइबर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति ने पुलिस को जो शिकायत दी है उसके अनुसार, फेसबुक पर उसकी एक युवती से दोस्ती हुई. फिर उनकी बातचीत होने लगी. डोईवाला निवासी पेशे से ठेकेदार इस शख्स ने बताया कि जुलाई 2025 में उसके पास सरोज मिश्रा नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. ठेकेदार ने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकर कर ली. सिलसिला आगे बढ़ा तो फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत होने लगी. कथित सरोज मिश्रा ने खुद को बेंगलुरु की रहने वाली बताया.

फेसबुक फ्रेंड युवती ने ऐसे बिछाया जाल: ठेकेदार को भी युवती से बातचीत में इंटरेस्ट आने लगा. मैसेंजर पर बातचीत के बाद बात आगे बढ़ी तो व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हो गई. कुछ समय बाद युवती ने ठेकेदार को रियो चेन नाम के एक निवेश प्लेटफार्म के बारे में बताया. युवती ने दावा किया कि इस प्लेटफार्म से उसे 5 लाख 60 हजार रुपए का फायदा हुआ है. युवती ने भरोसा बढ़ाने के लिए देवराज प्रताप नाम के व्यक्ति का नंबर दिया. देवराज ने पीड़ित को प्लेटफार्म का लिंक भेज कर रजिस्ट्रेशन कराया.

युवती से दोस्ती के चक्कर में ठेकेदार ने गंवाए सवा करोड़ रुपए: लालच में आए ठेकेदार ने 13 जुलाई 2025 को 10 हजार रुपये से निवेश शुरू किया. शुरुआती निवेश पर पीड़ित को करीब एक हजार रुपए का मुनाफा दिखाया गया. इसी लालच में आकर ठेकेदार जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक 08 महीने के भीतर अलग-अलग तारीखों में कुल मिलाकर एक करोड़ 20 लाख रुपए जमा कर दिए. जब उसने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने और पैसा जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया.

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा: ठेकेदार ने बताया कि जब उन्होंने पैसे निकालने की बात कही, तो साइबर ठगों ने कहा कि आपकी फाइल आरबीआई के अधिकारियों के सामने रख दी गई है. दो दिन बाद फ्रॉड मैनेजर अंशुल वर्मा ने पीड़ित को फोन कर कहा कि आपका जो पैसा आरबीआई के अधीन है वह जीएसटी के दायरे में आता है. आपको 18 प्रतिशत जीएसटी अदा करना होगा. पीड़ित को शक होने पर अतिरिक्त रकम देने से मना किया तो साइबर ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया.

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